Kanpur Crime News : पत्नी से जबरन देह व्यापार कराने के मामले में चार साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी पति को कल्याणपुर पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार कर लिया. केस दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था. सर्विलांस टीम की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने मीरा रोड इलाके में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया.
शादी के बाद अतिरिक्त दहेज की मांग का आरोप
कल्याणपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने वर्ष 2022 में पति के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी. महिला के मुताबिक, उसकी शादी 2 मई 2022 कोलकाता के बड़तल्ला निवासी अभय सिंह उर्फ सोनू से हुई थी. आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे. मांग पूरी नहीं होने पर पति ने उसके साथ मारपीट भी की.
सोनागाछी ले जाकर जबरन देह व्यापार कराने का आरोप
महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसका पति उसे कोलकाता के सोनागाछी रेडलाइट एरिया में ले गया और वहां जबरन देह व्यापार कराने लगा. महिला के मुताबिक, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और उत्पीड़न किया गया. शिकायत के आधार पर कल्याणपुर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी.
केस दर्ज होते ही फरार हो गया आरोपी
मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही अभय सिंह उर्फ सोनू घर छोड़कर फरार हो गया. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा. लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस और सर्विलांस टीम ने उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटानी शुरू की.
ठाणे में मिली लोकेशन, मीरा रोड से गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के महाराष्ट्र के ठाणे में होने की सूचना मिली. इसके बाद पुलिस टीम ने सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की और मीरा रोड इलाके में दबिश दी. यहां से आरोपी अभय सिंह उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया.
कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजा गया
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि पत्नी से जबरन देह व्यापार कराने के मामले में वांछित 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी अभय सिंह उर्फ सोनू को महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया गया है. मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था. सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तारी की गयी. आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है.
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