UP News: कानपुर में शस्त्र लाइसेंस की मांग लेकर पहुंचे एक युवक को जिलाधिकारी की ऐसी नसीहत मिली, जिसकी चर्चा जनता दर्शन में मौजूद लोगों के बीच होने लगी. युवक के मुंह में पान मसाला देखकर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने पहले उसे यह आदत छोड़ने की सलाह दी और फिर लाइसेंस के लिए परिवार व ग्राम प्रधान से शपथपत्र लाने को कहा.
पान मसाला खाते दिखा युवक तो डीएम ने टोका
कानपुर कलक्ट्रेट में बुधवार को जनता दर्शन के दौरान एक युवक शस्त्र लाइसेंस अपने नाम कराने की मांग लेकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के पास पहुंचा मामला विरासत के आधार पर शस्त्र लाइसेंस से जुड़ा था. बातचीत के दौरान डीएम की नजर युवक के पान मसाला खाने पर पड़ी तो उन्होंने उसे पहले इस आदत से दूर होने की सलाह दी.
बोले- 'तुम्हारी पीक ही तुम्हारा हथियार है'
डीएम ने युवक को चुटीले अंदाज में कहा कि 'तुम्हारी पीक ही तुम्हारा हथियार है, इसलिए पहले गुटखा खाना छोड़ो.' डीएम की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग मुस्कुरा उठे. हालांकि, बात केवल मजाक तक सीमित नहीं रही. डीएम ने युवक को पान मसाला छोड़ने और स्वास्थ्य सुधारने की दिशा में कदम उठाने को कहा.
परिवार और ग्राम प्रधान से लाना होगा शपथपत्र
जिलाधिकारी ने युवक को निर्देश दिया कि वह अपने माता-पिता, बाबा और ग्राम प्रधान से शपथपत्र लेकर आए. शपथपत्र में यह उल्लेख होना चाहिए कि युवक ने पान मसाला खाना छोड़ दिया है और भविष्य में भी इसका सेवन नहीं करेगा. डीएम ने इसे बुरी आदत से दूर रहने, स्वास्थ्य सुधारने और पैसे की बचत से जोड़कर देखा.
शस्त्र लाइसेंस के लिए पूरी करनी होगी प्रक्रिया
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विरासत के आधार पर शस्त्र लाइसेंस स्वतः किसी व्यक्ति के नाम नहीं हो जाता. इसके लिए निर्धारित दस्तावेज जमा करने के साथ आवश्यक सत्यापन और अन्य नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करनी होती है. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आवेदन पर नियमों के मुताबिक निर्णय लिया जाएगा.
