ऑपरेशन सिंदूर से इतना हुआ प्रभावित कि यूपी के इस शख्स ने बेटे का नाम रख दिया 'सिंदूर', बताई दिल की बात

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर की सराहना पूरा भारत कर रहा है. पूरा देश सेना के साहस और वीरता को अपने तरीके से सम्मानित कर रहा है. इसी कड़ी में यूपी के एक दंपति ने अपने बेटे का नाम 'सिंदूर' रख दिया है. कई और लोगों ने भी अपने नवजात का नाम 'सिंदूर' रखा है.

Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया गया. सेना की इस कार्रवाई से यूपी के अयोध्या में रहने वाले एक दंपति ने अपने नवजात बेटे का नाम ही ‘सिंदूर’ रख दिया है. अयोध्या के छावनी थाना क्षेत्र में स्थित पलिया शाहबादी गांव की निवासी सोनी कनौजिया ने सात मई को एक बेटे को जन्म दिया. ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी से प्रेरित होकर सोनी और उसके पति राहुल कनौजिया ने अपने बेटे का नाम ‘सिंदूर’ रखने का फैसला किया.

‘सिंदूर’ नाम रखने के पीछे की वजह

राहुल ने बताया कि अपने बेटे का नाम ‘सिंदूर’ रखने की प्रेरणा उसे भारतीय सेना की जांबाजी भरे कारनामे से मिली. उन्होंने कहा “‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हमारे जवानों के दिखाए गए साहस से मैं बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं. हमारे सशस्त्र बलों ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों की शहादत का बदला लिया है. उस बलिदान के सम्मान में हमने अपने बेटे का नाम सिंदूर रखने का फैसला किया है.” उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका बेटा बड़ा होकर सैनिक बने और देश की सेवा करे.

अन्य लोगों ने भी अपने बेटा-बेटी का नाम रखा है सिंदूर

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद कई लोगों ने भारतीय सेना के साहस के प्रभावित होकर कई लोगों ने अपने नवजात बेटे-बेटी का नाम ‘सिंदूर’ रख रहे हैं. प्रदेश के कई जिलों में नवजात बच्चों के नाम सिंदूर रखे जाने का चलन देखा गया है. इसी को लेकर यूपी के कुशीनगर की रहने वाली अर्चना शाही ने कहा “‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल एक नाम नहीं है. यह एक भावना है. अपनी बेटी का नाम ‘सिंदूर’ रखना हमारी सेना की बहादुरी और उन लोगों की याद को सम्मानित करने का हमारा तरीका है जिन्हें हमने खो दिया है.” पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने पिछली सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम से शुरू किए गए अभियान में पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के ठिकानों पर कार्रवाई की थी. (भाषा इनपुट के साथ)

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >