Up News: कानपुर, ब्लैक सी में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान 18 जुलाई 2026 को हुए हमले में जान गँवाने वाले मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर 5 अगस्त 2026 को कानपुर लाया गया. इस दुखद घटना के अठारह दिन बाद जब पार्थिव देह घर पहुँची, तो वहाँ मातम छा गया. परिजनों ने अपनी माँगें पूरी न होने तक अंतिम संस्कार करने से साफ़ इनकार कर दिया है. पीड़ित परिवार लगातार सरकार से सागर के लिए न्याय की गुहार लगा रहा है.
आवास पर शव पहुँचते ही छा गया सन्नाटा, भाई ने ढका तिरंगा
शास्त्री नगर स्थित आवास पर जब सागर का शव पहुँचा तो अत्यंत हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला. उनकी पत्नी शालू, माता रमादेवी और अन्य रिश्तेदार ताबूत देखते ही फूट-फूटकर रो पड़े. इस दौरान मृतक के बड़े भाई मनीष गुप्ता ने सम्मान व्यक्त करते हुए ताबूत को तिरंगे से ढक दिया. इस दुखद घड़ी में पूरे मोहल्ले के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुँचे, लेकिन परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और माहौल बेहद गमगीन हो गया था.
शहीद' का दर्जा, मुआवज़ा और नौकरी की माँग पर अड़ा परिवार
परिजनों ने सरकार के सामने तीन मुख्य माँगें रखी हैं. वे सागर गुप्ता को आधिकारिक तौर पर 'शहीद' का दर्जा देने की माँग कर रहे हैं. इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने उचित वित्तीय मुआवज़े की भी गुहार लगाई है. तीसरी प्रमुख माँग सागर की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की है. परिजनों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार इन सभी माँगों को स्वीकार नहीं कर लेती, वे पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किसी भी हाल में नहीं करेंगे.
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