हिंदू बेटियों को फंसाकर बना रहे ‘जिहादी मशीन’! 100 करोड़ की विदेशी फंडिंग से देशभर में चल रहा मतांतरण रैकेट

Hindu Reconversion: विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने गजवा-ए-हिंद संगठन पर मतांतरण का बड़ा आरोप लगाते हुए 11 लोगों की घर वापसी कराई. आरोप है कि विदेशी फंडिंग से हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर धर्म बदला जा रहा है. परिषद ने सीएम योगी से सख्त कार्रवाई की मांग की है.

Hindu Reconversion: लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ में बड़ा कदम उठाया. परिषद ने गोमती नगर स्थित डिगडिगा गांव के शिव भोला मंदिर में एक दर्जन से अधिक लोगों की विधिवत ‘घर वापसी’ करवाई. वैदिक मंत्रोच्चार और शुद्धिकरण संस्कार के साथ इन सभी लोगों को पुनः हिंदू धर्म में शामिल किया गया. परिषद का दावा है कि इनमें से कई लोगों को या तो प्रेमजाल में फंसाकर, या आर्थिक लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया गया था. कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्हें मुस्लिम युवकों द्वारा शादी के बहाने धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया.

विदेशी फंडिंग से चल रहा है मतांतरण का खेल: गोपाल राय

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने इस अवसर पर कहा कि ‘गजवा-ए-हिंद’ नामक इस्लामी संगठन भारत में गुप्त रूप से एक बड़ा धर्मांतरण नेटवर्क चला रहा है. उन्होंने दावा किया कि इस संगठन को हर वर्ष सौ करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी फंडिंग मिल रही है, जिससे देशभर में गरीब, असहाय और दलित वर्ग के हिंदुओं को लालच देकर धर्म बदलवाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब तक सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही करीब 10 हजार से ज्यादा हिंदुओं को मुस्लिम बनाया जा चुका है. गोपाल राय ने यह भी आरोप लगाया कि कमलेश तिवारी की हत्या में भी इसी संगठन की भूमिका रही थी.

गिरफ्तारी न होने से नाराज परिषद, तीन प्रमुख आरोपियों पर कार्रवाई की मांग

परिषद ने इस पूरे मामले में गजवा-ए-हिंद से जुड़े तीन प्रमुख चेहरों छांगुर पीर, मोहम्मद अहमद खान और अब्दुल माबूद रजा उर्फ आकिब पर सीधे आरोप लगाए. परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि इन लोगों के खिलाफ पुलिस और एसटीएफ में केस दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है. यह लापरवाही न केवल चिंताजनक है बल्कि प्रशासन की गंभीरता पर भी सवाल खड़े करती है. परिषद का यह भी आरोप है कि ये लोग देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने के इरादे से धर्मांतरण की साजिश को अंजाम दे रहे हैं.

हिंदू लड़कियों को टारगेट कर रहा है संगठन, प्रेमजाल और लालच का दोहरा हथियार

परिषद के संगठन मंत्री बाबी गुप्ता ने बताया कि यह नेटवर्क न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों में भी सक्रिय है. मुस्लिम युवकों को हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाने के लिए तैयार किया जाता है और फिर शादी के बाद उन्हें इस्लाम कबूल करवाया जाता है. दूसरी ओर, आर्थिक रूप से कमजोर हिंदुओं को नौकरी, पैसों और अन्य सुविधाओं का लालच देकर उनका धर्म बदलवाया जा रहा है. एक पीड़ित ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि छांगुर पीर जैसे लोग कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाकर इस मिशन को चला रहे हैं और ये लोग बहुत संगठित तरीके से काम कर रहे हैं.

यह हैं वे 11 लोग जो दोबारा लौटे अपने मूल धर्म में

धर्म परिवर्तन के बाद जिन 11 लोगों की ‘घर वापसी’ कराई गई, उनमें शामिल हैं — औरैया की मंडवी शर्मा (जिसका नाम पहले जैनब था), सहारनपुर की सोनू रानी, सिद्धार्थ नगर की मालती, मुरादाबाद की रीना, पल्लवी (जिसका नाम मन्नत आब्दी रखा गया था), हरजीत कश्यप, संचित गौतम, बलरामपुर के राम नरेश मौर्या, नरेंद्र मिश्रा, हरजीत सिंह और मूर्ति देवी. परिषद ने बताया कि इन सभी के नाम और धार्मिक पहचान को बदल दिया गया था, जिन्हें अब वापस उनके मूल स्वरूप में लाया गया है.

धर्म बदलने के बाद भी नहीं मिला सम्मान, पीड़ित बोले – घर तक पर कब्जा

धर्मांतरण के बाद भी सम्मान न मिलने और अपमान का सामना करने की कहानी सहारनपुर के पीड़ित शहाबुद्दीन ने बयां की. उन्होंने बताया कि धर्म बदलने के बावजूद उनके ही नए समुदाय के लोगों ने उनका घर कब्जा लिया और उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि इस अन्याय से तंग आकर अब वे फिर से अपने मूल धर्म में लौटने की इच्छा रखते हैं.

सीएम योगी से परिषद की अपील बनाएं सख्त कानून, कार्रवाई हो गजवा-ए-हिंद पर

विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि राज्य में धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कड़े कानून बनाए जाएं और गजवा-ए-हिंद जैसे खतरनाक संगठनों पर प्रतिबंध लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. परिषद ने यह भी कहा कि यदि पुलिस और प्रशासन सिर्फ थानों में आने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से लेने लगे, तो धर्मांतरण जैसे मामलों पर लगाम लगाई जा सकती है.

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Published by: Abhishek singh

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