UP News: उत्तर प्रदेश के हाथरस में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा भावुक और प्रेरक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया. सेंट फ्रांसिस इंटर कॉलेज में कक्षा-3 में पढ़ने वाली छात्रा आश्वी हाथ में प्रार्थना पत्र लेकर जिलाधिकारी एवं आईएएस अधिकारी अतुल वत्स के पास पहुंची. उसने बेहद मासूम अंदाज में कहा, "DM अंकल, मेरा एक काम कर देंगे?" इसके बाद बच्ची ने जो बात कही, उसने वहां मौजूद अधिकारियों और फरियादियों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया. यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
रेलवे फाटक पर जाम लगता है, ट्यूशन में देर हो जाती है
आश्वी ने डीएम को बताया कि वह रोज ट्यूशन पढ़ने जाती है. रास्ते में बिजली कॉटन मिल के पास स्थित रेलवे फाटक पर अक्सर लंबा जाम लग जाता है. मालगाड़ियों के गुजरने के दौरान फाटक काफी देर तक बंद रहता है, जिससे उसे समय पर ट्यूशन पहुंचने में दिक्कत होती है और कई बार शिक्षक की डांट भी सुननी पड़ती है. उसने डीएम से आग्रह किया कि इस समस्या का कोई समाधान कराया जाए.
सिर्फ शिकायत नहीं, समाधान का सुझाव भी दिया
बात यहीं खत्म नहीं हुई. आश्वी ने केवल अपनी परेशानी नहीं बताई, बल्कि रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम को कम करने के लिए अपने स्तर पर कुछ सुझाव भी जिलाधिकारी के सामने रखे. इतनी कम उम्र में जनहित के मुद्दे पर उसकी समझ और जागरूकता देखकर वहां मौजूद अधिकारी भी प्रभावित हुए.
डीएम ने की तारीफ, दिया समाधान का भरोसा
आईएएस अधिकारी एवं हाथरस के जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बच्ची की जागरूकता और आत्मविश्वास की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि इतनी छोटी उम्र में सार्वजनिक समस्या को लेकर प्रशासन तक पहुंचना प्रेरणादायक है. डीएम ने आश्वी को उपहार देकर सम्मानित किया और भरोसा दिलाया कि रेलवे अधिकारियों से बातचीत कर इस समस्या के समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे.
हजारों लोगों की रोज की परेशानी
हाथरस शहर में रेलवे फाटकों पर लगने वाला जाम कोई नई समस्या नहीं है. ट्रेनों, विशेषकर मालगाड़ियों के गुजरने के दौरान फाटक लंबे समय तक बंद रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. इसका असर स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और मरीजों तक पर पड़ता है. स्थानीय लोग लंबे समय से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग आश्वी की समझदारी, आत्मविश्वास और जनहित की सोच की जमकर सराहना कर रहे हैं. वहीं, जिलाधिकारी अतुल वत्स की संवेदनशीलता और बच्ची की बात को गंभीरता से सुनने के अंदाज की भी प्रशंसा हो रही है.
बच्ची ने दिया बड़ा संदेश
आश्वी की पहल यह संदेश देती है कि जागरूकता की कोई उम्र नहीं होती. यदि समस्या सार्वजनिक हित से जुड़ी हो तो उसे प्रशासन के सामने रखने का साहस हर नागरिक में होना चाहिए. एक छोटी छात्रा ने अपनी परेशानी के बहाने शहर के हजारों लोगों की आवाज बुलंद कर दी, जिससे यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया.
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