UP News: प्रथा के खिलाफ चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान को बड़ी मजबूती मिली है. राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन की ओर से 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में प्रस्तावित 51 हजार जोड़ों के विशाल सामूहिक विवाह समारोह को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता का समर्थन मिला है. राजभवन शिमला में हुई मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए आयोजन को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा जताया.
राजभवन में हुआ गर्मजोशी से स्वागत
मिशन के संस्थापक निदेशक, संयुक्त पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र कुमार गुप्ता को राज्यपाल के आमंत्रण पर शिमला बुलाया गया. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह अपनी टीम के साथ राजभवन पहुंचे, जहां अपर मुख्य सचिव संदीप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद राज्यपाल और सुरेन्द्र कुमार गुप्ता के बीच करीब 20 मिनट तक शिष्टाचार भेंट हुई.
20 मिनट की मुलाकात में सामाजिक अभियान पर चर्चा
मुलाकात के दौरान दहेज प्रथा उन्मूलन, सामूहिक विवाह अभियान और इसके सामाजिक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा हुई. राज्यपाल ने इस पहल को समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
50 मिनट तक चली अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक
राज्यपाल के निर्देश पर मुलाकात के बाद अपर मुख्य सचिव संदीप और अन्य अधिकारियों के साथ लगभग 50 मिनट तक विस्तृत बैठक हुई. बैठक में 30 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाले सामूहिक विवाह समारोह की रूपरेखा, प्रचार-प्रसार, सुरक्षा व्यवस्था और संभावित सरकारी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की गई.
राज्यपाल बोले- दहेज प्रथा खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम
बैठक के दौरान राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि सामूहिक विवाह केवल विवाह आयोजन नहीं, बल्कि दहेज जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है. उन्होंने इस अभियान की सराहना करते हुए आयोजन को सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. राज्यपाल ने यह भी कहा कि यदि संभव हुआ तो वह 30 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयं शामिल होने का प्रयास करेंगे.
सीधे संपर्क में रहने के दिए निर्देश
राज्यपाल ने अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि आयोजन से जुड़े सभी विषयों पर सुरेन्द्र कुमार गुप्ता के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें. उन्होंने स्वयं भी सीधे संपर्क में रहने का भरोसा जताया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहयोग उपलब्ध कराया जा सके.
अभियान को मिल रहा राष्ट्रीय समर्थन
राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन के अनुसार इससे पहले त्रिपुरा के राज्यपाल, झारखंड के राज्यपाल तथा पंजाब के मुख्य सचिव भी इस सामाजिक अभियान को अपना समर्थन दे चुके हैं. अब हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के समर्थन से इस मुहिम को और व्यापक राष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
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