UP Politics: रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए तीन दिन तक रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत तेज होती दिख रही है. गाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में एआईएमआईएम के प्रदेश महासचिव मोहम्मद शमीम खान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह पर निशाना साधते हुए महिलाओं के लिए पूरे साल मुफ्त बस यात्रा का दावा किया. मोहम्मद शमीम खान ने कहा कि हाल ही में बलिया में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के काम की सराहना की थी. उन्होंने रक्षाबंधन के दौरान माताओं और बहनों के लिए तीन दिन तक रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का जिक्र किया था. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बलिया कार्यक्रम में भी रक्षाबंधन पर महिलाओं को तीन दिन निशुल्क यात्रा सुविधा दिए जाने की बात कही थी.
'क्या माताएं-बहनें सिर्फ तीन दिन के लिए हैं?'
एआईएमआईएम नेता ने इसी मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर महिलाओं को मां और बहन माना जाता है तो उन्हें केवल तीन दिन के लिए यह सुविधा क्यों दी जा रही है. उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या माताएं और बहनें केवल तीन दिन के लिए सरकार की हैं? क्या उन्हें केवल तीन दिन के लिए ही मां और बहन माना जाता है? शमीम खान ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो महिलाओं के लिए केवल त्योहार के दौरान नहीं, बल्कि पूरे साल रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की दिशा में काम किया जाएगा.
'365 दिन करेंगे मुफ्त बस यात्रा'
कार्यक्रम में एआईएमआईएम नेता ने दावा किया कि जिस दिन एआईएमआईएम की सरकार बनेगी, उस दिन से माताओं और बहनों के लिए 365 दिन मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने कहा कि महिलाओं को त्योहार के मौके पर कुछ दिनों की राहत देने के बजाय पूरे वर्ष यात्रा की सुविधा मुफ्त होनी चाहिए. इसी मुद्दे को उन्होंने अपनी पार्टी की संभावित नीति से जोड़ते हुए सरकार के सामने सवाल खड़ा किया.
रक्षाबंधन पर तीन दिन मुफ्त यात्रा का फैसला
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन के अवसर पर परिवहन निगम की बसों में महिलाओं के लिए तीन दिन निशुल्क यात्रा की सुविधा दी थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया में अपने संबोधन के दौरान इस व्यवस्था का उल्लेख करते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के काम की सराहना की थी. इसके अलावा सरकार ने 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की अलग व्यवस्था भी शुरू की है. परिवहन विभाग के मुताबिक, इस सुविधा का उद्देश्य बुजुर्ग महिलाओं को प्रदेश में यात्रा के दौरान आर्थिक राहत देना है.
बयान से गरमाई सियासत
मोहम्मद शमीम खान के इस बयान के बाद मुफ्त बस यात्रा का मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है. एक तरफ सरकार रक्षाबंधन पर तीन दिन की मुफ्त यात्रा और बुजुर्ग महिलाओं के लिए स्थायी योजना को अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है, वहीं एआईएमआईएम इसे पूरे साल लागू करने की मांग के रूप में उठा रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में महिलाओं के लिए मुफ्त परिवहन सुविधा का मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में कितना असर डालता है, यह देखने वाली बात होगी.
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