गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक दौड़ेगी रैपिड रेल, रास्ते में इन जगहों पर बनेंगे स्टेशन, देखें पूरी लिस्ट

UP News: गाजियाबाद और जेवर एयरपोर्ट के बीच यात्रा अब बेहद आसान होने वाली है. प्रस्तावित नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर 180 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ेगा, जिससे सफर सिर्फ 40-50 मिनट का रह जाएगा. जानिए स्टेशनों के नाम और इस बड़ी परियोजना के बारे में सब कुछ.

UP News: गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना आने वाले समय में काफी आसान हो सकता है. प्रस्तावित गाजियाबाद-जेवर नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर बनने के बाद यात्रियों को गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच तेज कनेक्टिविटी मिलेगी. करीब 72.44 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनें 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलाने की योजना है. दावा है कि गाजियाबाद से जेवर तक का सफर करीब 40 से 50 मिनट में पूरा हो सकेगा.

NCRTC ने जारी किए स्टेशनों के नाम

गाजियाबाद-जेवर कॉरिडोर को लेकर NCRTC ने प्रस्तावित स्टेशनों के नाम सामने रखे हैं. इस पूरे रूट पर 11 नमो भारत स्टेशन और 18 मेट्रो स्टेशन, यानी कुल 29 स्टेशन प्रस्तावित हैं. इस व्यवस्था की खास बात यह होगी कि यात्री एक ही कॉरिडोर में रीजनल रैपिड रेल और लोकल मेट्रो, दोनों का इस्तेमाल कर सकेंगे. इससे गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच आवाजाही आसान होने की उम्मीद है.

नमो भारत के ये होंगे 11 स्टेशन

गाजियाबाद-जेवर रूट पर प्रस्तावित नमो भारत स्टेशनों के नाम इस तरह हैं— गाजियाबाद साउथ, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-3, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-12, सूरजपुर, अल्फा-1, इकोटेक-6, दनकौर, सेक्टर-18, सेक्टर-21, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट.

मेट्रो के 18 स्टेशन भी होंगे

नोएडा के रूट पर प्रस्तावित लोकल मेट्रो के 18 स्टेशनों की सूची भी सामने आई है— सिद्धार्थ विहार, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-16सी इकोटेक-12 ग्रेटर नोएडा वेस्ट (सेक्टर-4) ग्रेटर नोएडा सेक्टर-10 नॉलेज पार्क-V पुलिस लाइन्स सूरजपुर इकोटेक-2 नॉलेज पार्क-III ओमेगा-II फाई-III इकोटेक-1ई इकोटेक-VIII दादूपुर जुनेदपुर येडा सेक्टर-17 येडा सेक्टर-15 येडा सेक्टर-33

180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

इस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनों को 180 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलाने की योजना है. इससे गाजियाबाद, नोएडा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 40-50 मिनट रह सकता है. अधिकारी के मुताबिक, परियोजना का मुख्य उद्देश्य गाजियाबाद को ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र और नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ना है. इससे पूरे NCR में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कनेक्टिविटी मजबूत करने में मदद मिलेगी.

रिहायशी और कमर्शियल इलाकों को भी मिलेगा फायदा

कॉरिडोर तैयार होने के बाद गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक और विकल्प मिलेगा. साथ ही रास्ते में आने वाले कई रिहायशी इलाकों, कमर्शियल क्षेत्रों और भविष्य में विकसित होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर हब की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है.

करीब 20,640 करोड़ रुपये आएगी लागत

गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट रैपिड मेट्रो NCRTC की प्रस्तावित परियोजना है. करीब 72.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड लाइन पर लगभग 20,640 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इस कॉरिडोर की खासियत यह होगी कि एक ही ट्रैक पर तेज नमो भारत ट्रेन और लोकल मेट्रो दोनों चलेंगी. नमो भारत की रफ्तार 160 से 180 किमी प्रति घंटे तक रहने की योजना है. यह कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ RRTS और नोएडा मेट्रो से भी जुड़ेगा.

अभी DPR स्टेज में है प्रोजेक्ट

फिलहाल यह परियोजना डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के चरण में है. यानी अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है. निर्माण शुरू होने के बाद परियोजना को करीब 5 साल में पूरा करने का अनुमान है. अगर यह कॉरिडोर तय योजना के मुताबिक तैयार होता है, तो गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक तेज और सीधी कनेक्टिविटी मिलने के साथ पूरे NCR में आने-जाने का तरीका भी काफी बदल सकता है.

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By लक्की कुमारी

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