UP News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष व्यवस्था शुरू की जा रही है. इसे पियर-टू-पियर (पी2पी) एनर्जी ट्रेडिंग नाम दिया गया है. इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद, अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने वाले लोग अपनी आवश्यकता से अधिक पैदा हुई बिजली को सीधे अपने पड़ोसियों को बेच सकेंगे. इससे सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा और राज्य में पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा का विस्तार होगा.
डिजिटल प्लेटफॉर्म और ग्रिड का इस्तेमाल
बिजली बेचने और खरीदने के लिए किसी भी उपभोक्ता को अलग से नया बिजली का तार या ढांचा बिछाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. खरीदार और विक्रेता के बीच पैसों का लेनदेन एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरा किया जाएगा. वहीं, बिजली का प्रवाह पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (पीवीवीएनएल) के पहले से मौजूद ग्रिड नेटवर्क के जरिए ही होगा. सरकारी बिजली निगम इस ग्रिड के इस्तेमाल के बदले तय शुल्क लेगा. बिजली की बिक्री दरें और ग्रिड शुल्क जल्द ही निर्धारित किए जाएंगे.
मौजूदा उपभोक्ताओं को होगा सीधा आर्थिक लाभ
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, गाजियाबाद में लगभग 10,022 उपभोक्ता सोलर ऊर्जा प्रणाली का इस्तेमाल कर रहे हैं. इनमें से 9,072 लोग नेट मीटरिंग और 950 लोग नेट बिलिंग व्यवस्था से जुड़े हैं. पुरानी व्यवस्था में अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दे दी जाती थी और उसका समायोजन मासिक बिल में होता था. लेकिन नई पी2पी व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ता न केवल बिल में छूट पाएंगे, बल्कि अपनी अतिरिक्त बिजली को सीधे बाजार भाव पर बेचकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकेंगे.
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