UP Crime: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पटाखा फैक्ट्री के कचरे में हुए अचानक विस्फोट से दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए. हादसा शेरकोट थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में पुराने और बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास हुआ. बताया जा रहा है कि दोनों भाई अपनी बकरियों के लिए घास काटने जंगल की ओर गए थे. इसी दौरान उनकी नजर वहां पड़े पटाखा फैक्ट्री के कचरे पर पड़ी और अचानक उसमें धमाका हो गया. दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
कचरे के पास पहुंचे और अचानक हो गया विस्फोट
घायल बच्चों की पहचान रोहित (12) और सागर (16) के रूप में हुई है. दोनों सगे भाई बताए जा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पटाखा फैक्ट्री से करीब 400 मीटर दूर पुराने ईंट-भट्ठे के पास फैक्ट्री का वेस्ट मैटेरियल फेंका गया था. दोनों बच्चे जब वहां से गुजर रहे थे, तभी कचरे में अचानक आग लगी और विस्फोट हो गया. धमाके की चपेट में आने से दोनों बच्चे झुलस गए. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया.
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया. टीम ने वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पटाखा फैक्ट्री का वेस्ट मैटेरियल बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास किसने और कब फेंका था. इसके साथ ही कचरे में मौजूद सामग्री और उसमें आग लगने की वजह की भी जांच की जा रही है.
पटाखा फैक्ट्री से जुड़े लोगों पर पहले भी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, जिस फैक्ट्री से यह वेस्ट जुड़ा बताया जा रहा है, उससे संबंधित मोहम्मद यूसुफ और गुफरान अहमद अंसारी को एक दूसरे मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. दोनों के खिलाफ हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र में विस्फोटक अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था.
कुछ दिन पहले बरामद हुआ था भारी मात्रा में विस्फोटक
गौरतलब है कि 13 सितंबर को हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के चौकपुरी गांव स्थित बजरंग फायर वर्क्स में पुलिस, राजस्व विभाग, अग्निशमन विभाग और फील्ड यूनिट की संयुक्त टीम ने छापेमारी की थी. पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई में लाइसेंस की निर्धारित सीमा से अधिक विस्फोटक सामग्री और बड़ी मात्रा में तैयार सुतली बम बरामद किए गए थे. पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में 130 किलोग्राम एल्युमीनियम पाउडर, 559 किलोग्राम गंधक और 548 किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट समेत करीब 39 क्विंटल 59 किलोग्राम तैयार सुतली बम बरामद हुए थे. फैक्ट्री में कारतूस से जुड़ी सामग्री मिलने की भी जानकारी सामने आई थी.
अब वेस्ट मैटेरियल की जांच पर नजर
वाजिदपुर हादसे के बाद पुलिस का फोकस अब पटाखा फैक्ट्री के वेस्ट मैटेरियल पर है. जांच की जा रही है कि यह कचरा खुले में क्यों और कैसे पहुंचा तथा इसमें विस्फोटक अवशेष किस तरह मौजूद थे. पुलिस और फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वजह और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी.
