40 साल तक पुलिस को चकमा देता रहा अपराधी , वोटर आईडी की पड़ताल से कानपुर में गिरफ्तारी

Up News: कानपुर की जूही पुलिस ने 1984 से फरार चल रहे 72 वर्षीय अपराधी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया है. वोटर आईडी कार्ड से मिले सुराग ने 40 साल बाद पुलिस को सफलता दिलाई. जानिए कैसे एक मामूली वोटर आईडी से दशकों से फरार अपराधी सलाखों के पीछे पहुंचा.

Up News: कानपुर में जूही पुलिस ने करीब चार दशक से फरार चल रहे एक अपराधी को गिरफ्तार किया है. आरोपी प्रदीप कुमार पर वर्ष 1984 में तीन नाबालिग किशोरियों को बहला-फुसलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज हुआ था. पुलिस के अनुसार, विवेचना पूरी होने के बाद मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया और निचली अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रदीप कुमार को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी. सजा के खिलाफ उसने वर्ष 1987 में हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी. अपील पर राहत मिलने के बाद आरोपी ने अदालत में पेश होना बंद कर दिया और फरार हो गया. पुलिस का कहना है कि वारंट जारी होने के बावजूद वह वर्षों तक पुलिस को चकमा देता रहा. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह समय-समय पर अपना हुलिया बदलता था. कभी बाल और दाढ़ी बढ़ाकर रहता, तो कभी सिर मुंडवाकर पहचान छिपाने की कोशिश करता था.

वोटर कार्ड पर पता अपडेट से लगा पुलिस के हाथ

पुलिस के मुताबिक, इस पुराने मामले में हाईकोर्ट ने करीब दो महीने पहले सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस आयुक्त से जवाब तलब किया था. पुलिस आयुक्त की ओर से जवाब 7 अगस्त को दाखिल किया जाना था. इसके बाद दक्षिण जोन की जूही पुलिस ने थाना प्रभारी के के पटेल के नेतृत्व में पुराने रिकॉर्ड फिर से खंगाले और आरोपी की तलाश तेज कर दी. जांच के दौरान पुलिस को पुराने वोटर आईडी कार्ड से महत्वपूर्ण सुराग मिला. पुलिस ने कार्ड का विवरण वेबसाइट पर डालकर आरोपी का ईपिक नंबर निकाला और इसे बीएलओ को उपलब्ध कराया. बीएलओ के माध्यम से हुई पड़ताल में पता चला कि इस नंबर से जुड़ा वोटर आईडी कार्ड किदवईनगर थाना क्षेत्र की अंबेडकर बस्ती के पते पर अपडेट कराया गया है. इसके बाद पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी. गुरुवार को पुलिस ने 72 वर्षीय प्रदीप कुमार को अंबेडकर बस्ती से गिरफ्तार कर लिया.

आरोपी पत्नी की हो चुकी है मृत्यु

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मूलरूप से लखनऊ का रहने वाला है, हालांकि लंबे समय से वह ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा था. इस मुकदमे में प्रदीप कुमार की पत्नी फगुनी उर्फ राजकुमारी और एक गृह स्वामिनी को भी आरोपी बनाया गया था. पुलिस के अनुसार, फगुनी उर्फ राजकुमारी की अप्रैल 2024 में मृत्यु हो चुकी है. पूछताछ के दौरान प्रदीप कुमार ने पुलिस को उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया. वहीं, मामले की तीन पीड़िताओं में से एक की भी मृत्यु हो चुकी है. डीसीपी दक्षिण दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि आरोपी हुलिया बदलकर लंबे समय से फरार था, लेकिन वोटर आईडी से मिले इनपुट के आधार पर उसके ठिकाने की जानकारी मिली. पुलिस ने आरोपी की पहचान की पुष्टि करने के बाद उसे गिरफ्तार किया और अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

इनपुट: नटवर कुमार

यह भी पढ़े: अलीगढ़ भाजपा नेता ब्लैकमेल नशीला पदार्थ, वीडियो, केस दर्ज


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By शशांक शेखर मिश्रा

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >