UP NEWS: लखनऊ की एमपी-एमएलए अदालत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध मानहानि का केस दायर किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम ने उनके चरित्र और खान-पान को लेकर झूठे दावे किए हैं. योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अजय राय हनुमानगढ़ी में दर्शन और तिलक लगाने के बाद मछली का सेवन करते हैं. अजय राय का कहना है कि वे काशी के निवासी हैं और पूर्णतः शाकाहारी हैं, इसलिए इस बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई.
सामाजिक आयोजन में शामिल होने की सफाई और खुली चुनौती
अजय राय ने स्पष्ट किया कि वे निषाद समाज द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. निषाद समाज का मुख्य व्यवसाय मछली पालन और बिक्री से जुड़ा है, इसलिए उन्होंने सामाजिक सम्मान बनाए रखने के लिए उस आयोजन में सहभागिता की थी. उन्होंने कहा कि सावन के पवित्र महीने में मछली खाने का आरोप पूरी तरह से निराधार और भारतीय जनता पार्टी की राजनीति का हिस्सा है.यदि मुख्यमंत्री के पास इस बात का कोई ठोस प्रमाण है, तो वे उसे अदालत में प्रस्तुत करें.
24 अगस्त की जनसभा का विवाद और कानूनी कार्रवाई
अजय राय के अधिवक्ता संजीव पांडे ने बताया कि यह विवाद 24 अगस्त को रायबरेली में आयोजित एक जनसभा से शुरू हुआ था. वहां मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि रामलला के दर्शन के बाद अजय राय ने मांस का सेवन किया. अधिवक्ता के अनुसार अजय राय ने जीवन में कभी भी मांस या मदिरा का स्पर्श नहीं किया है. इस झूठे प्रचार और अपनी छवि को पहुंचे नुकसान से व्यथित होकर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके.
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