UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) के नए मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया. शहीद पथ स्थित डायल-112 मुख्यालय के पास निर्मित इस अत्याधुनिक भवन को आधुनिक तकनीक और उन्नत सुविधाओं से लैस किया गया है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया. कार्यक्रम में मंत्री सुरेश खन्ना और विधायक राजेश्वर सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.
आपदा प्रबंधन में यूपी की नई पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी आपदा प्रबंधन राज्यों में शामिल हो चुका है. अब किसी भी आपदा से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका उसके आने से पहले तैयारी करना है. नई तकनीकों और आधुनिक संसाधनों के माध्यम से राज्य सरकार आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है.
स्कूल-कॉलेजों में बढ़े जागरुकता अभियान
सीएम योगी ने कहा कि जब आपदा न हो, तब लोगों को प्रशिक्षण और जागरुकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों तथा शिक्षकों को आपदा से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए. जनपद स्तर पर प्रधानाचार्यों के सम्मेलन आयोजित कर विभिन्न प्रकार की आपदाओं से जुड़ी सावधानियों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सकता है.
प्राकृतिक और मानवीय आपदाओं पर चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़, आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि और अग्निकांड जैसी घटनाएं प्राकृतिक एवं मानवीय दोनों प्रकार की आपदाओं का हिस्सा हैं, इसके अलावा भवनों की गलत डिजाइनिंग या लापरवाही के कारण होने वाली दुर्घटनाएं भी बड़ी आपदाओं का रूप ले सकती हैं. उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है.
मानव-वन्यजीव संघर्ष भी आपदा श्रेणी में
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी आपदा की श्रेणी में शामिल कर प्रभावित लोगों को राहत देने की व्यवस्था की है. उन्होंने बहराइच में हाल ही में हुई मगरमच्छ हमले की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते चेतावनी और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है. लोगों को वन्यजीवों से जुड़े खतरों के बारे में जानकारी देकर ऐसी दुखद घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है.
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