मिलावटखोरों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन: चौराहों पर लगेगी तस्वीर, सख्त कार्रवाई के निर्देश

CM YOGI: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिलावटखोरी और नकली दवाओं को ‘सामाजिक अपराध’ करार देते हुए जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मिलावटखोरों की तस्वीरें चौराहों पर लगाने की योजना बनाई गई है. दैनिक उपभोग की वस्तुओं की जांच उत्पादन स्थल पर होगी और डेडिकेटेड टीमें बनाई जाएंगी. नए खाद्य और औषधि प्रयोगशालाओं के साथ तीन माइक्रोबायोलॉजी लैब्स भी शुरू की गई हैं. नागरिकों की शिकायतों के लिए फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप और टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 की सुविधा दी गई है। पिछले तीन वर्षों में ₹1,470 करोड़ का निवेश और 3,340 नए रोजगार सृजित हुए हैं.

CM YOGI: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खाद्य सामग्री में मिलावट और नकली दवाओं के अवैध व्यापार को ‘सामाजिक अपराध’ करार देते हुए इसके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और अपराधियों को सार्वजनिक रूप से बेनकाब किया जाएगा. सीएम ने कहा कि मिलावटखोरों की तस्वीरें प्रमुख चौराहों पर लगाई जाएं ताकि समाज में उनके प्रति चेतावनी स्वरूप संदेश जाए.

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए. उन्होंने कहा कि दूध, घी, तेल, पनीर और मसालों जैसे दैनिक उपभोग के खाद्य उत्पादों की जांच उत्पादन स्थलों पर ही सुनिश्चित की जाए. इसके लिए डेडिकेटेड निगरानी टीमें गठित की जाएं. उन्होंने पेशेवर रक्तदाताओं की पहचान कर उन पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन का स्वास्थ्य है और इस विषय पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति सख्ती से लागू की जाएगी.

स्थापित हुई नई प्रयोगशालाएं

सीएम योगी ने अवगत कराया कि प्रदेश के 12 नए मंडलों जैसे अलीगढ़, बरेली, प्रयागराज, मुरादाबाद आदि में नई खाद्य एवं औषधि प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं. साथ ही लखनऊ, मेरठ और वाराणसी में तीन अत्याधुनिक माइक्रोबायोलॉजी लैब्स का संचालन शुरू हो चुका है, जहां सूक्ष्मजीव, विषाणु, जीवाणु, माइक्रोटॉक्सिन्स आदि की सघन जांच हो रही है. लखनऊ और मेरठ में इन लैब्स में परीक्षण शुरू हो चुका है. इन प्रयोगशालाओं के सतत संचालन हेतु एक ‘कॉर्पस फंड’ बनाने का प्रस्ताव भी सामने आया है.

नकली दवाओं पर पुलिस और प्रशासन का जोर

मुख्यमंत्री ने नकली दवाओं के व्यापार पर नकेल कसने के लिए पुलिस और एफएसडीए के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई, जिससे अभियानों की प्रभावशीलता और गति दोनों बढ़ें. उन्होंने निर्देश दिए कि दोषियों तक जड़ से पहुंचने के लिए समन्वित कार्रवाई की जाए.

FSDA द्वारा पासवर्ड-प्रोटेक्टेड बारकोड प्रणाली शुरू

खाद्य नमूनों की जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए FSDA ने पासवर्ड-प्रोटेक्टेड बारकोड प्रणाली शुरू की है. इससे नमूनों की गोपनीयता बनी रहती है और वैज्ञानिक विश्लेषण डिजिटल माध्यम से ही होता है, जो वरिष्ठ अधिकारियों की स्वीकृति के बाद ही मान्य माना जाता है.

नागरिकों के लिए नया ऐप और टोल-फ्री नंबर

जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ मोबाइल ऐप और टोल-फ्री नंबर 1800-180-5533 जारी किया गया है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिकायत का निस्तारण तभी मान्य माना जाए जब शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो.

स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और रोजगार

औषधि और चिकित्सा उपकरण विनिर्माण क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने तेज़ी से प्रगति की है. बीते तीन वर्षों में ₹1,470 करोड़ के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं, जिनसे 3,340 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं. अकेले फुटकर औषधि प्रतिष्ठानों में 65,000 से अधिक नए रोजगार बने हैं. मुख्यमंत्री ने एफएसडीए की क्षमता बढ़ाने के लिए रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट कर दिया है मिलावट करने वाले अब बच नहीं पाएंगे, और जनता को मिलेगा सुरक्षित खाद्य व औषधि का अधिकार.

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Author: Abhishek Singh

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