Chitrakoot Flood: मध्य प्रदेश क्षेत्र में हो रही भीषण बारिश का असर चित्रकूट में भी दिखाई दे रहा है. मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. दोपहर एक बजे तक नदी का जलस्तर समुद्र तल से 134.650 मीटर की ऊंचाई पर पहुंच गया. यह वर्ष 2003 में दर्ज 134.500 मीटर के बाढ़ रिकॉर्ड से 15 सेंटीमीटर अधिक है. रामघाट पर मंदाकिनी नदी के खतरे का निशान 126.500 मीटर है.
मठ-मंदिरों और तटवर्ती इलाकों में जलभराव
मंदाकिनी का पानी बढ़ने से दीन दयाल शोध संस्थान परिसर, सियाराम कुटीर और तुलसी पीठ समेत प्रमुख मठ-मंदिरों के आसपास जलभराव हो गया है. तटवर्ती दुकानों और घरों के आसपास भी पानी भर गया है. बाढ़ के कारण चित्रकूट-सतना मार्ग बंद हो गया है. वहीं हनुमानधारा मार्ग के पुल को पानी छूने के बाद लोगों का आवागमन रोक दिया गया है.
झांसी-मीरजापुर हाईवे के पुल पर भी पहुंचा पानी
झांसी-मीरजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कर्वी स्थित पुल पर भी पानी पहुंचने लगा है. पुल की तलहटी से पानी टकरा रहा है. स्थिति को देखते हुए बाढ़ देखने के लिए पहुंच रहे लोगों को पुलिस वहां से हटा रही है. वहीं भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है. फिलहाल पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों को ही पुल से निकलने की अनुमति है. पानी और बढ़ने पर इनका आवागमन भी रोका जा सकता है.
छह सिपाही संभाल रहे यातायात
पुल पर पानी बढ़ने के कारण यातायात व्यवस्था के लिए दोनों ओर छह सिपाहियों को तैनात किया गया है. पुलिसकर्मी वाहनों को एक-एक करके धीमी गति से पुल पार करा रहे हैं. वहीं कई रोडवेज बसों को रोक दिया गया है. प्रशासन की ओर से पुल और आसपास के मार्गों पर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है.
हनुमानधारा पुल के ऊपर से बह रहा पानी
मध्य प्रदेश क्षेत्र के नयागांव-हनुमानधारा मार्ग पर बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. पुल की रेलिंग का कुछ हिस्सा भी टूट गया है. दूसरी ओर तीर्थ क्षेत्र की सड़कों पर जलभराव होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु होटल, गेस्ट हाउस और मठ-मंदिरों में फंस गए हैं. पानी अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. प्रशासन श्रद्धालुओं को वहां से निकालने के प्रयास में जुटा है.
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