UP Politics: लखनऊ में सीजीपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की हालिया मुलाकात को लेकर राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गर्मा गया है. इस बैठक पर कड़ा ऐतराज जताते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राकेश त्रिपाठी ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर से जिस विवादित राजनीति का बीज बोया गया था, अब उसका पूरी तरह से पर्दाफाश होकर असली सच जनता के सामने निकलकर आ रहा है.
राकेश त्रिपाठी का आरोप और तीखे बाण
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अपने बयान में बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए आगे कहा कि तिलचट्टे अब सीधे राजनीतिक दलों के दफ्तरों तक पहुंचने लगे हैं. इस पूरी घटना से अब साफ तौर पर खुलासा हो गया है कि किस तरह से मासूम बच्चों और युवाओं के नाम पर एक खास राजनीतिक टूल का इस्तेमाल किया जा रहा था. उन्होंने पूछा कि ये लोग आखिरकार किसके दफ्तर में मिलने पहुंचे हैं, जो सार्वजनिक तौर पर सामूहिक नकल के संरक्षक रहे हैं.
नकल माफिया से साठगांठ का बड़ा दावा
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी हमेशा से ही नकल माफियाओं के साथ कदमताल करती आई है. आज इसी वजह से सीजीपी के ये तमाम लोग मुंह अंधेरे और रात के सन्नाटे में चुपचाप जाकर सपा प्रमुख से मुलाकात कर रहे हैं. भाजपा का स्पष्ट मानना है कि युवाओं के आंदोलनों की आड़ में राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम किया जा रहा है और इस गुप्त बैठक ने दोनों पक्षों की मिलीभगत को उजागर किया है.
सपा नेता फखरुल हसन का पलटवार
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के इन गंभीर आरोपों का जवाब देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने स्थिति को पूरी तरह से स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि सीजीपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने निश्चित रूप से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी, लेकिन इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केवल आभार प्रकट करना था. सीजीपी प्रतिनिधिमंडल जंतर-मंतर पर युवाओं के देशव्यापी आंदोलन को सपा द्वारा दिए गए मजबूत और निरंतर समर्थन के प्रति धन्यवाद देना चाहता था.
समाजवादी पार्टी का रुख और अंतिम सफाई
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि हमारी पार्टी ने हमेशा युवाओं के अधिकारों के लिए सदन से लेकर सड़क तक आवाज उठाई है. सीजीपी के लोग इसी सहयोग और सदन में उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए धन्यवाद देने आए थे. इसके अलावा समाजवादी पार्टी सीजीपी के किसी अन्य आंतरिक मुद्दे, उनकी कार्यप्रणाली या उनके किसी भी राजनीतिक फैसले पर टिप्पणी नहीं करना चाहती है। भाजपा बेवजह इस शिष्टाचार मुलाकात पर राजनीति कर रही है.
