Aligarh : भाजपा के कार्यक्रम में सांसद सतीश गौतम ने महिला विधायक को ‘ छुआ ‘, MLA ने बदल ली अपनी कुर्सी

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर हुए कार्यक्रम में अलीगढ़ से सांसद सतीश गौतम ने शहर विधायक मुक्त राजा को छूकर ऐसे बात की कि वीडियो वायरल हो गए. सांसद सतीश गौतम द्वारा भरे मंच पर टच करने से झेंपी विधायक कुर्सी बदलकर सांसद से दूर जा बैठीं.

अलीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का एक वीडियो वारयल हो रहा है. इस वीडियो में अलीगढ़ से सांसद सतीश गौतम भाजपा विधायक मुक्ता राजा को छूते हुए बात करते नजर आ रहे हैं. मंच पर भाजपा के पूर्व मंत्री और संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद थे. वहीं, अपने उच्च ओहदे को नजरअंदाज कर अलीगढ़ सांसद का भाजपा विधायक से बात करने का एक अलग अंदाज दिखा. इसमें सांसद सतीश गौतम, अलीगढ़ शहर विधायक मुक्ता राजा के हाथ पर हाथ रखकर मुस्कुराते हुए और उसके बाद कंधों को मसकते हुए दिखाई दे रहे हैं. पास में ही बैठे बरौली से भाजपा विधायक ठाकुर जयवीर सिंह ने भी उनकी इस अदा को नोटिस किया.

सांसद के बगल वाली कुर्सी से उठकर दूसरी सीट पर जा बैठीं विधायक

शहर विधायक मुक्ता राजा का सांसद के इस तरह के व्यवहार के बाद सांसद के बगल वाली कुर्सी से उठकर दूसरी सीट पर जा बैठीं. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हालांकि प्रभात खबर इस वीडियो की पुष्टि नहीं कर रहा है. हालांकि इस कार्यक्र में मौजूद भाजपा के पार्टीजन दबी जुबान सांसद द्वारा विधायक के साथ किए गए संवाद के तरीके को लेकर मिलीजुली राय दे रहे हैं.

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भारतीय जनता पार्टी द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर को आयोजित किया था. इसके आयोजक कोल विधायक अनिल पाराशर थे. यह कार्यक्रम श्रीराम बैंक्विट हॉल में हुआ था. इस दौरान भाजपा के इतिहास और विकास की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था. इसमें परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह व उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय भी शामिल हुए थे. हालांकि मंच पर पूर्व महापौर शकुंतला भारती, भाजपा की कार्यकारिणी सदस्य पूनम बजाज जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह भी मौजूद थी.

पूर्व विधायक  रहे पति को जेल होने पर लड़ी थीं चुनाव 

मुक्ता राजा पूर्व भाजपा विधायक संजीव राजा की पत्नी हैं. संजीव राजा का आठ महीने पहले निधन हो गया है. 22 साल पहले संजीव राजा के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और ट्रैफिक पुलिस से मारपीट का मामला दर्ज हुआ था. इस मामले में संजीव राजा को 2 साल की सजा स्थानीय कोर्ट ने सुनाई थी. इसके चलते वह चुनाव नहीं लड़ सके और पत्नी मुक्ता को सियासी मैदान में उतार दिया था. मुक्ता राजा अलीगढ़ शहर सीट से विधायक चुनी गईं हैं.

संस्कृत में शपथ लेकर सुर्खियों में आईं  थीं अलीगढ़ विधायक

विधायक चुने जाने के बाद मुक्ता राजा ने विधानसभा में पहले दिन शपथ ग्रहण समारोह में संस्कृत में शपथ ली थी. संजीव राजा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाना माना चेहरा था और अलीगढ़ के कद्दावर नेताओं में उनकी गिनती होती थी. वह वैश्य समाज की राजनीति का प्रतिनिधित्व करते थे. संजीव राजा 2017 में विधायक बने थे. वहीं 2022 विधान सभा के चुनाव में पत्नी मुक्त राजा को जिताया था.

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