UP ELECTION 2027: पश्चिमी यूपी में BJP का ‘ऑपरेशन 71’ शुरू! अनुभवी नेताओं को मिली कमान, जातीय गणित पर भी नजर

UP Politics: भाजपा ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के लिए पश्चिमी यूपी में चुनावी तैयारी तेज कर दी है. पार्टी ने 19 संगठनात्मक जिलों में नए प्रभारी नियुक्त किए हैं, जिसमें अनुभवी और युवा दोनों तरह के नेताओं को जिम्मेदारी मिली है. जातीय समीकरण साधते हुए बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर है.

UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा ने पश्चिमी यूपी में संगठन को चुनावी मोड में लाने की कवायद तेज कर दी है. पार्टी ने पश्चिम क्षेत्र के 19 संगठनात्मक जिलों में प्रभारियों की नई जिम्मेदारियां तय की हैं. खास बात यह है कि कई जिलों की कमान ऐसे नेताओं को दी गई है, जिन्हें संगठन में लंबे समय तक काम करने का अनुभव रहा है. इसके जरिए भाजपा बूथ स्तर तक अपनी तैयारियों को मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है.

मुजफ्फरनगर और बिजनौर में बदली जिम्मेदारी

नई सूची में बिजनौर के प्रभारी रहे हरिओम शर्मा को अब मुजफ्फरनगर की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं पूर्व सांसद और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व एमएलसी सत्यपाल सिंह सैनी को बिजनौर का प्रभारी बनाया गया है. हरिओम शर्मा पश्चिम क्षेत्र में लगातार दो बार महामंत्री रह चुके हैं और मुरादाबाद के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. वहीं सत्यपाल सिंह सैनी के पास संगठन के साथ-साथ सरकार और चुनावी राजनीति का भी लंबा अनुभव है.

मुरादाबाद मंडल के जिलों पर खास नजर

भाजपा ने मुरादाबाद मंडल को भी अपनी रणनीति में अहम जगह दी है. रामपुर और अमरोहा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इन जिलों की जिम्मेदारी पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल और सत्येंद्र सिसौदिया जैसे अनुभवी नेताओं को दी गई है. संगठन की कोशिश है कि स्थानीय स्तर की चुनौतियों को समझते हुए चुनाव से पहले पार्टी की गतिविधियों को और सक्रिय किया जाए.

दिग्गजों से लेकर युवा चेहरों तक को जिम्मेदारी

पार्टी की नई व्यवस्था में अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी मैदान में उतारा गया है. मुरादाबाद महानगर की जिम्मेदारी हापुड़ के डॉ. विकास अग्रवाल को, जबकि मुरादाबाद जिले का प्रभार प्रमेंद्र जांगड़ा को सौंपा गया है. इसके अलावा डॉ. चंद्रमोहन सिंह, पूर्व मंत्री अशोक कटारिया, अशोक राणा और कांता कर्दम समेत कई नेताओं को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी मिली है.

जातीय समीकरण साधने की भी कोशिश

प्रभारियों की तैनाती में भाजपा ने संगठनात्मक अनुभव के साथ सामाजिक समीकरणों को भी ध्यान में रखा है. अलग-अलग सामाजिक वर्गों से आने वाले नेताओं को उनके गृह जिले से बाहर जिम्मेदारी देने की रणनीति के पीछे स्थानीय गुटबाजी और संगठनात्मक चुनौतियों को कम करने की कोशिश भी मानी जा रही है. अब इन नेताओं के सामने बूथ और सेक्टर स्तर तक पार्टी की तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी होगी.

71 विधानसभा सीटों पर बनेगा चुनावी रोडमैप

पश्चिमी यूपी में प्रशासनिक तौर पर 14 जिले हैं, जबकि भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में 19 जिले शामिल हैं. इन क्षेत्रों में कुल 71 विधानसभा सीटें आती हैं. ऐसे में पार्टी इन सीटों को ध्यान में रखकर संगठन की गतिविधियों, बूथ प्रबंधन और आगामी कार्यक्रमों का रोडमैप तैयार करेगी. चुनावी तैयारियों के साथ इन नए प्रभारियों के प्रदर्शन की भी संगठन के स्तर पर लगातार समीक्षा होने की संभावना है. यह भी देखें: UP Election 2027: 27 हजार वोट का प्लान या 27 सीटों का खतरा, अखिलेश यादव के दावे पर केशव मौर्य का ऐसा पलटवार, यूपी में बढ़ा सस्पेंस

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >