UP News: राजधानी के अलीगंज अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भवन सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब गैर-आवासीय भवनों के निर्माण और नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. कई श्रेणी के भवनों के लिए फायर सेफ्टी अनुपालन अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि भविष्य में आग जैसी घटनाओं को रोका जा सके.
फायर सेफ्टी नियमों पर सख्ती
नई व्यवस्था के तहत जिन भवनों को पहले फायर विभाग के एनओसी दायरे से छूट मिलती थी, उनके मालिकों को भी अब निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन का शपथपत्र देना होगा. इसके बाद ही भवन का नक्शा स्वीकृत किया जाएगा. केवल सीमित श्रेणी के एक मंजिला आवासीय भवनों को इस व्यवस्था से छूट दी गई है.
अलीगंज हादसे के बाद लिया गया फैसला
हाल ही में अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद भवन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे. इसी के बाद LDA ने भवन स्वीकृति प्रक्रिया में बदलाव करते हुए अग्नि सुरक्षा मानकों को और सख्त करने का निर्णय लिया है.
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
LDA ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भवन स्वामी गलत जानकारी देता है या अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ भवन सील करने, ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है.
शहर में चल रहा सुरक्षा अभियान
अलीगंज अग्निकांड के बाद राजधानी में होटल, कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों की जांच तेज कर दी गई है. अवैध निर्माण और अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है.
यह भी पढ़ें: मुख्तार के गढ़ में गरजे योगी, बोले- रामलीला में असलहा लहराने वालों को मिट्टी में ही दफन होना पड़ेगा
