UP News: महर्षि भृगु की पावन तपोभूमि यूपी के बलिया में वर्षों से देखे जा रहे भृगु कॉरिडोर के सपने ने रविवार को धरातल पर कदम रख दिया. शहर स्थित ऐतिहासिक भृगु मंदिर परिसर में संत-महात्माओं की मौजूदगी में परिवहन मंत्री एवं बलिया सदर विधायक दयाशंकर सिंह ने विधि-विधान से भूमि पूजन कर परियोजना की शुरुआत की. भूमि पूजन के बाद आयोजित भव्य भृगु महाआरती में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. वैदिक मंत्रोच्चार, दीपों की रोशनी और महर्षि भृगु के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि भृगु कॉरिडोर का वर्षों पुराना सपना अब कागजों से निकलकर धरातल पर उतर चुका है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्च में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी थी. परियोजना के प्रथम चरण के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जबकि महर्षि भृगु मंदिर के संपूर्ण निर्माण और विकास पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है.
दो चरणों में बदलेगा भृगु मंदिर का स्वरूप
भृगु कॉरिडोर के तहत मंदिर के धार्मिक और ऐतिहासिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए परिसर को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाएगा. परियोजना को दो चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव है. इसके तहत भव्य मुख्य प्रवेश द्वार, मंदिर परिसर का विस्तार, व्यापक सौंदर्यीकरण, चौड़े रास्ते और व्यवस्थित गलियारों के साथ श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा. परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है. साथ ही भृगु मंदिर को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी इसे अहम कदम माना जा रहा है. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि बलिया भृगु बाबा की धरती के रूप में पहचाना जाता है. भृगु कॉरिडोर के जरिए इस ऐतिहासिक स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह केवल निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि बलिया की आस्था, पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विषय है.
सप्त ऋषियों की लगेगी आर्ट गैलरी
भृगु कॉरिडोर के निर्माण के दौरान सप्त ऋषियों से संबंधित जानकारी की पट्टिकाएं और आर्ट गैलरी विकसित किए जाने की योजना है. इसमें गौतम ऋषि, परशुराम ऋषि, महर्षि वाल्मीकि, मेधा ऋषि, कुशी ऋषि और पराशर ऋषि समेत अन्य ऋषियों से संबंधित संक्षिप्त विवरण प्रदर्शित किया जाएगा. इससे मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को धार्मिक एवं ऐतिहासिक परंपराओं से जुड़ी जानकारी भी मिल सकेगी.
सेवा सप्ताह में 81 महिला लाभार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित सेवा सप्ताह के तहत विधानसभा क्षेत्र के 75 शक्ति केंद्रों से आईं प्रधानमंत्री आवास योजना की 81 महिला लाभार्थियों को सम्मानित किया गया. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने महिलाओं को नारियल, स्मृति चिह्न, साड़ी समेत अन्य उपहार प्रदान किए. विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया गया. टघरौली की कविता देवी को शौचालय योजना, हनुमानगंज ब्लॉक की निर्मला देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना और टोल टैक्स, कदम चौराहा निवासी रूपा सिंह को आवास के साथ उज्ज्वला योजना का लाभ मिलने पर सम्मानित किया गया. वहीं नगवां, दुबहड़ की कुसुम पाठक को लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और जागरूक करने में योगदान के लिए सम्मान मिला.
भव्य महाआरती में उमड़ा आस्था का सैलाब
भूमि पूजन के बाद भृगु मंदिर परिसर में भव्य महाआरती हुई. संत-महात्माओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच महाआरती संपन्न हुई. दीपों की रोशनी और महर्षि भृगु के जयघोष से पूरा परिसर आध्यात्मिक माहौल में डूब गया. श्रद्धालुओं ने महर्षि भृगु के जयकारे लगाए और कॉरिडोर निर्माण की शुरुआत को बलिया की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
महर्षि भृगु से जुड़ी है बलिया की धार्मिक पहचान
बलिया की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान महर्षि भृगु की तपोभूमि के रूप में प्राचीन धार्मिक एवं लोक परंपराओं में दर्ज है. मान्यता है कि महर्षि भृगु ने गंगा तट पर स्थित इस क्षेत्र में तपस्या की थी. इसी वजह से यह क्षेत्र ‘भृगु क्षेत्र’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ. शहर स्थित भृगु आश्रम और मंदिर आज भी इस परंपरा के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं. स्थानीय मान्यताओं में भृगु संहिता की रचना को भी इस क्षेत्र से जोड़ा जाता है. हालांकि, इसे मुख्यतः धार्मिक और स्थानीय मान्यता के रूप में देखा जाता है. महर्षि भृगु के शिष्य दर्दर मुनि की परंपरा को भी बलिया के प्रसिद्ध ददरी मेले से जोड़ा जाता है. गंगा-सरयू के संगम और सरयू की धारा को गंगा से मिलाने से जुड़ी लोककथाएं भी भृगु क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं.
आस्था के केंद्र से पर्यटन स्थल बनने की ओर बढ़ेगा बलिया
भृगु कॉरिडोर के निर्माण से इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को नई पहचान मिलने की उम्मीद है. बेहतर प्रवेश व्यवस्था, विकसित परिसर, चौड़े रास्ते, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के बाद यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है. इसके साथ ही स्थानीय दुकानदारों, कारोबारियों और अन्य लोगों के लिए रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा होने की संभावना है. कुल मिलाकर, यूपी के बलिया में भृगु कॉरिडोर की शुरुआत महज एक निर्माण परियोजना का शुभारंभ नहीं है. यह जिले की आस्था, इतिहास, संस्कृति और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की कोशिश है. महर्षि भृगु की धरती पर विकास की नई शुरुआत हुई है. परियोजना पूरी होने के बाद विकसित भृगु मंदिर बलिया की धार्मिक पहचान को प्रदेश और देश के पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करने में भूमिका निभा सकता है.
भूमि पूजन में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, पूर्व सांसद भरत सिंह, पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, स्वामी हरिहरानंद, बड़ी मठिया के रामूदार दास, गायत्री शक्तिपीठ के विजेंद्र चौबे, भृगु मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवकुमार मिश्र, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जनार्दन राय, इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय समेत बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे.
