UP News: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को पहला सीईओ नियुक्त किए जाने के निर्णय पर विवाद और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. इस प्रशासनिक फैसले के बाद हनुमानगढ़ी के प्रमुख महंत राजू दास ने कहा कि कोई भी वैतनिक कर्मचारी उस प्रकार की सेवा भावना नहीं दे सकता, जो एक साधु अर्पित करता है. उन्होंने जोर दिया कि पूजा पद्धतियों का कृत्रिम या व्यापारिक होना अनुचित है. यह पूरी व्यवस्था सच्ची निष्ठा और अटूट समर्पण से ही संचालित होनी चाहिए.
श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन और साधु-संतों को सुलभ दर्शन व्यवस्था की मांग
प्रशासनिक बदलावों के बीच महंत राजू दास ने नए सीईओ के समक्ष श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे हैं. उन्होंने मांग की कि अयोध्या धाम में दर्शन हेतु आने वाले सभी भक्तों के लिए ट्रस्ट को तत्काल नि:शुल्क भोजन की स्थायी व्यवस्था शुरू करनी चाहिए. इसके साथ ही, स्थानीय साधु-संतों को बिना किसी कठिनाई के रामलला के सुलभ दर्शन की विशेष सुविधा दी जानी चाहिए, ताकि धार्मिक परंपराओं का समुचित सम्मान बना रहे और सभी को समान अवसर मिले.
जर्जर मंदिरों के जीर्णोद्धार और गौशालाओं के प्रबंधन को गोद लेने का आग्रह
धार्मिक स्थलों और स्थानीय धरोहरों के संरक्षण को लेकर महंत ने ट्रस्ट के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया है. उन्होंने आग्रह किया कि अयोध्या में संसाधनों के अभाव में जर्जर हो चुके प्राचीन मंदिरों को ट्रस्ट गोद ले और उनके रखरखाव की पूर्ण जिम्मेदारी संभाले. इसके अतिरिक्त, देखभाल की कमी से जूझ रही विभिन्न गौशालाओं का प्रबंधन भी राम मंदिर ट्रस्ट को अपने हाथों में लेना चाहिए, ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पौराणिक परंपराओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
