Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर की दान राशि की चोरी का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. जांच को लेकर विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. इस बीच, मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है. यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को दी गई है.
SIT रिपोर्ट के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
दिल्ली में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए SIT का गठन किया है और जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. इसके साथ ही, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के संभावित इस्तीफे की अटकलों पर भी उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया.
जानिए राम मंदिर दान विवाद
बतादें कि राम मंदिर दान राशि चोरी का मामला उस समय चर्चा में आया जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों पर मंदिर में आने वाले दान और वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए. आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. हालांकि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका आधिकारिक रूप से साबित नहीं हुई है. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम भी चर्चाओं में आया, लेकिन उनके खिलाफ कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है. जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
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