Agra PG Hostel : दिल्ली में इमारत ढहने की घटना के बाद आगरा में चल रहे सैकड़ों पीजी और हॉस्टल सवालों के घेरे में आ गये हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शहर में एक भी हॉस्टल पंजीकृत नहीं है. इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में पीजी और हॉस्टल का संचालन किया जा रहा है. राजा की मंडी, खंदारी और दयालबाग जैसे शैक्षणिक और रिहायशी इलाकों में बड़ी संख्या में पीजी और हॉस्टल संचालित हो रहे हैं. आरोप है कि कई जगह आवासीय मकानों में छोटे-छोटे कमरे बनाकर उन्हें हॉस्टल का रूप दे दिया गया है. इनमें से कई जगह व्यावसायिक गतिविधि के लिए जरूरी नक्शा पास कराये बिना ही संचालन किया जा रहा है.
आवासीय मकानों में बना दिये हॉस्टल
शहर के कई इलाकों में लोगों ने अपने आवासीय मकानों में अतिरिक्त कमरे बनाकर उन्हें छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. ऐसे भवनों में हॉस्टल और पीजी का संचालन हो रहा है.व्यावसायिक गतिविधि के लिए जरूरी मानचित्र और पंजीकरण के बिना चल रहे इन हॉस्टलों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
अधिकांश हॉस्टलों में अग्निशमन एनओसी नहीं
चल रहे अधिकांश हॉस्टलों के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं होने की बात सामने आयी है. आग या किसी अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए भी कई जगह पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं. कुछ हॉस्टलों में छात्रों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए खुले रास्ते तक उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में किसी अप्रिय घटना की स्थिति में वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.
बिना सही नक्शे के हॉस्टल संचालन की अनुमति नहीं
आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एन. अरुन्मोली ने स्पष्ट किया है कि हॉस्टल जैसी व्यावसायिक गतिविधि ऐसे भवन में संचालित नहीं की जा सकती, जिसका सही मानचित्र पास नहीं कराया गया हो. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को चिह्नित किया जायेगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
दिल्ली हादसे के बाद सुरक्षा पर उठे सवाल
दिल्ली में इमारत ढहने की घटना के बाद आगरा में भी पीजी और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गये हैं. शहर में बड़ी संख्या में छात्रों के रहने के बावजूद पंजीकरण और सुरक्षा मानकों की स्थिति को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती है.
