UP News: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और आम जनता से चार सौ करोड़ रुपये की विशाल धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी जुनैद अहमद के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. अनूपशहर रोड से गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस उसके पांच मुख्य सहयोगियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है. जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क को चलाने के लिए एक संगठित सिंडिकेट बनाया गया था, जिसमें कई प्रमुख सहयोगी सक्रिय रूप से शामिल थे.
बैंक खातों के माध्यम से वित्तीय लेन-देन की जांच
इस बड़े वित्तीय घोटाले में सुहेल अहमद, उकैस, दीपक कुमार, मोहम्मद बिलाल और जेबा परवीन जैसे कई मददगार सीधे तौर पर शामिल थे. शुरुआती जांच के अनुसार निवेशकों की गाढ़ी कमाई सीधे मुख्य आरोपी के खाते में जमा होने के बजाय इन कर्मचारियों और सहयोगियों के विभिन्न बैंक खातों में मंगवाई जाती थी. पुलिस अब इन सभी सहयोगियों के बैंक खातों के लेन-देन को खंगाल रही है ताकि ठगी की गई रकम के वास्तविक रास्ते और अवैध संपत्तियों का पूरा विवरण उजागर किया जा सके.
संपत्तियों की खोज और संभावित खुलासे की उम्मीद
जुनैद को अदालत के आदेश के बाद जेल भेज दिया गया है और मामले के अन्य पहलुओं की गहराई से छानबीन की जा रही है. जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ठगी की इस बड़ी राशि को किन-किन अचल संपत्तियों या अन्य व्यवसायों में निवेश किया गया है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस आपराधिक सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं. पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं.
फर्जी कंपनियों का जाल और घोटाले का पर्दाफाश
वर्ष 2019 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से कॉमर्स विषय में पीएचडी पूरी करने वाले जुनैद ने 2022 में मैरिस रोड स्थित लैंडमार्क मॉल में साइना फाइनेंशियल एडवाइजर का दफ्तर खोला था. वह विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को साइना इन्वेस्टमेंट, साइना हॉलिडेज और सेहला फार्मा जैसी फर्जी योजनाओं में भारी मुनाफे का लालच देता था. तीन साल तक लोगों का भरोसा जीतकर यह कारोबार चलता रहा, लेकिन 2025 में निवेशकों को संदेह होने पर पुलिस जांच में इस बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ.
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