UP News : उत्तर प्रदेश के इटावा से बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया मंगलवार को एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश हुए. मामला करीब 12 साल पुराना है. मामले में जब सांसद कोर्ट में पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ पहली बार विशेष न्यायाधीश ने गैरजमानती वारंट जारी किया था. इतने पर भी जब सांसद कोर्ट नहीं पहुंचे तो दूसरी बार उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुआ. आखिर में मजबूर होकर सांसद को कोर्ट में पेश होना पड़ा. कोर्ट ने उन्हें 30 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है.
क्या है मामला
बता दें, बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया ने अन्य लोगों के साथ उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना की मांग पर आंदोलन कर रहे अधिवक्ताओं के समर्थन में 26 सितंबर 2009 में राजामंडी रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया था. उन्होंने रेलवे ट्रैक को रोककर यातायात को बाधित किया था. इस पर तत्कालीन राजामंडी स्टेशन मास्टर ने रामशंकर कठेरिया, विधायक चौधरी बाबूबाल, महिला कांग्रेस नेता इंदिरा वर्मा, उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के संयोजक अधिवक्ता केडी शर्मा, अधिवक्ता अरुण सोलंकी व कुंवर शैलराज सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
मामले में आरोपितों की पत्रावली अलग कर दिए जाने के कारण रामशंकर कठेरिया के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई अलग से हो रही है. सांसद के 13 सितंबर को विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए की अदालत में बयान दर्ज हुए थे. उन्हें 23 सितंबर को अदालत में अपना पक्ष रखना था, लेकिन वे हाजिर नहीं हुए. इस पर अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था.
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बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया को इसके बाद 27 सितंबर को कोर्ट में हाजिर होना था, लेकिन वे फिर अऩुपस्थित रहे. इस पर अदालत ने दूसरी बार गैर जमानती वारंट जारी किया और सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख नियत की. सांसद मंगलवार को दोपहर करीब 12:30 बजे विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए की अदालत में हाजिर हुए.
Posted By: Achyut Kumar
