सॉफ्टवेयर की मदद से हो रही थी रेलवे टिकट की कालाबाजारी, पढ़ें कैसे चल रहा था कारोबार

उत्तर मध्य रेलवे ने ‘रियल मैंगो’ नाम से अवैध टिकटिंग सॉफ्टवेयर के संचालन में संलिप्त अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने के बाद टिकट दलाली की गतिविधि में वृद्धि की आशंका को देखते हुए रेल सुरक्षा बल ने इनके खिलाफ गहन अभियान चलाया .

प्रयागराज : उत्तर मध्य रेलवे ने ‘रियल मैंगो’ नाम से अवैध टिकटिंग सॉफ्टवेयर के संचालन में संलिप्त अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने के बाद टिकट दलाली की गतिविधि में वृद्धि की आशंका को देखते हुए रेल सुरक्षा बल ने इनके खिलाफ गहन अभियान चलाया .

कैसे हो रहा था कारोबार

रेल सुरक्षा बल की फील्ड इकाइयों द्वारा नौ अगस्त को टिकट दलालों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के दौरान “रियल मैंगो” नामक अनधिकृत सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी मिली. मालवीय ने बताया कि 19 अगस्त को रेलवे बोर्ड से एक संदिग्ध मोबाइल नम्बर प्राप्त हुआ जिसके विषय में यह जानकारी दी गई कि इस नम्बर का प्रयोग प्रतिबंधित साफ्टवेयर से ई-टिकट बनाने में किया जा रहा है.

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मोबाइल ट्रेक कर आरोपी को किया गया गिरफ्तार

छानबीन में यह पता चला कि यह नंबर कुण्डा बाजार के आस पास सक्रिय है और यह पंकज प्रजापति नामक एक व्यक्ति का है जिसे टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया. जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि पंकज प्रजापति के लैपटॉप, पेनड्राइव एवं मोबाइल नम्बर की लगातार गहनता से जांच की गयी. इससे पता चला कि यह सॉफ्टवेयर रेहान नामक एक व्यक्ति से खरीदा गया था और कई अन्य लोगों को बेचा गया था.

90 लाख का ई टकिट हुआ बरामद

पंकज प्रजापति ने पूछताछ के दौरान रेहान का मोबाइल नम्बर बताया. उन्होंने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे द्वारा रेहान की लोकेशन साझा करने पर पूर्व रेलवे ने समसेर उर्फ रेहान को गिरफ्तार किया. इसी प्रकार पश्चिम रेलवे द्वारा भी उत्तर मध्य रेलवे से प्राप्त सूचना के आधार पर उपयोगकर्ता अखय जैना को गिरफ्तार किया गया.

मालवीय ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे लगातार इस प्रकार के अभियान चलाता रहता है और मौजूदा वर्ष में अवैध टिकट कारोबार में संलिप्त 157 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनसे 90 लाख रुपये के ई-टिकट तथा 7.38 लाख रुपये के जाली टिकट बरामद किये गये. इस अवधि में 871 अवैध आईआरसीटीसी उपयोक्ताओं को भी ब्लाक किया गया.

Posted By – Pankaj Kumar Pathak

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