Mainpuri By Election 2022: मैनपुरी लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सपा और बीजेपी के उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है. इस बीच प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के रिश्तों में घुली कड़वाहट भी काफी हद तक खत्म होती नजर आ रही है. उपचुनाव को लेकर शिवपाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. साथ ही डिंपल यादव को जीत दिलाने का आह्वान किया.
शिवपाल ने किया डिंपल यादव को जीत दिलाने का आह्वान
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने उपचुनाव में सपा उम्मीदवार डिंपल यादव को जीत दिलाने का आह्वान किया. जसवंतनगर सीट से सपा विधायक यादव ने अपने पैतृक गांव सैफई में प्रसपा के सभी स्तर के नेताओं के साथ बैठक की, और पार्टी कार्यकर्ताओं से डिंपल यादव की जीत सुनिश्चित करने को कहा है.
मैनपुरी में जीत ‘नेताजी’ को सच्ची श्रद्धांजलि- शिवपाल
शिवपाल सिंह यादव की बैठक को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बताया कि, उन्होंने कहा कि, मुलायम सिंह यादव का निर्वाचन क्षेत्र के साथ भावनात्मक संबंध है और अगर सपा उनके द्वारा छोड़ी गई सीट जीत जाती है तो यह ‘नेताजी’ को सच्ची श्रद्धांजलि होगी. पार्टी नेता ने बताया कि, शिवपाल यादव ने कहा कि नेताजी की बहू डिंपल यादव को मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में सपा का प्रत्याशी बनाया गया है. डिंपल हमारे परिवार की बड़ी बहू भी हैं. उन्हें जीत दिलाने के लिए सभी कार्यकर्ता मिलकर आगे आएं और सपा प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए मेहनत करें.
मैनपुरी की जनता से शिवपाल का है गहरा
दरअसल, समाजवादी पार्टी उपचुनाव में शिवपाल सिंह यादव का मैदान में उतरना काफी अहम माना जा रहा है. मैनपुरी की जनता से भी उनका गहरा नाता है. कई बार जब मुलायम सिंह यादव वहां कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाते थे, तो शिवपाल यादव उनकी जगह ले लेते थे. मैनपुरी लंबे समय से यादव परिवार का गढ़ रहा है. शिवपाल यादव की सपा प्रत्याशी के लिए प्रचार करने की अपील इसलिए मायने रखती है क्योंकि इस सीट से भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य कभी उनके करीबी माने जाते थे.
शिवपाल के करीबी रहे रघुराज शाक्य बढ़ाएंगे मुश्किलें?
भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य ने इस साल की शुरुआत में प्रसपा से नाता तोड़ दिया, और भाजपा में शामिल हो गए. वह पहले समाजवादी पार्टी (सपा) में थे और बाद में शिवपाल ने जब प्रसपा का गठन किया तो उनके साथ चले गए. हालांकि, ये अलग बात है कि, जब डिंपल यादव ने नामांकन पत्र दाखिल किया तो शिवपाल सिंह यादव और उनके बेटे आदित्य यादव दोनों मौजूद नहीं थे. उपचुनाव के बाद पांच दिसबंर को मतदान होना है और मतगणना आठ दिसंबर को होगी.
