काशी करवट मंद‍िर के महंत पं. गणेश शंकर उपाध्याय ने त्‍यागा पद, शिवल‍िंंग को फव्‍वारा कहने का लगा आरोप

मीड‍िया से बातचीत में मंद‍िर के महंत पं. गणेश शंकर उपाध्याय ने कहा, 'मैंने मीडिया में सिर्फ अपने संस्मरण को साझा किया था. मगर एक मीडिया ग्रुप ने मेरे इंटरव्यू को कई बार दिखाकर विवादित किया. मेरे बयान के साथ छेड़छाड़ की. इसका मुझे अत्यंत दुःख है. मैं कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं.'

Varanasi News: वाराणसी के काशी करवट मंद‍िर के महंत पंड‍ित गणेश शंकर उपाध्याय ने कहा है कि पिछले 1 हफ्ते से सोशल मीडिया और न्यूज चैनल पर उनके इंटरव्यू को गलत तरीके से झूठे शीर्षकों के साथ प्रसारित किया जा रहा है. उनका कहना है कि कि उन्‍होंने ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग को कभी भी फव्वारा नहीं कहा था. उन्‍होंने कहा, ‘इस तरह की खबरों से आहत होकर मैं काशी करवट मंद‍िर के महंत पद का त्याग करता हूं.’

नहींं करेंगे कोई कानूनी कार्रवाई 

मीड‍िया से बातचीत में उन्‍होंने कहा, ‘मैंने मीडिया में सिर्फ अपने संस्मरण को साझा किया था. मगर एक मीडिया ग्रुप ने मेरे इंटरव्यू को कई बार दिखाकर विवादित किया. मेरे बयान के साथ छेड़छाड़ की. इसका मुझे अत्यंत दुःख है. मैं कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं.’ उन्‍होंने कहा, ‘ मैं एक धार्मिक स्थान पर रहने वाले पूजा-पाठ करने वाला व्यक्ति हूं. मेरे खिलाफ कुचक्र रचा गया है. मुझे इस तरीके षड्यंत्र में घसीटा जाना उचित नहीं है, जो कुछ भी हुआ इसका दोषी मैं स्वयं को मानता हूं. इसकी कोई कानूनी कार्यवाही मुझे नहीं करनी है. मेरा न्याय मेरे महादेव करेंगे. मैंने क्षोभ के साथ पश्चाताप करते हुए पद त्याग किया है’ उन्‍होंने कहा कि ऐसा पहला वाक्या हुआ है. इस मंदिर के इतिहास में की कोई महंत स्वयं अपना पद दूसरे महंत को स्थानांतरित कर रहा है. उस निजी मीडिया चैनल का नाम पूछे जाने पर महंत ने बताने से इनकार कर दिया. कहा, जो होना था हो गया. अब वह किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते.

रिपोर्ट : विपिन सिंह

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >