UP Police Recruitment: आश्वासन और लड़ाई में बीते 12 साल,नहीं मिली नौकरी

लखनऊ के ईको गार्डेन में यूपी पुलिस भर्ती 2009 के करीब 30 अभ्यर्थी 5 सितंबर से आमरण अनशन पर बैठे हैं. इनके हाथ में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की कॉपी है जिसमें लिखा है कि इनकी मांग सही है. उस मांग पर फैसला किया जाए. चुनावी रैली के दौरान सीएम योगी ने आश्वासन भी दिया पर कोई नतीजा नहीं निकला.

UP Police Recruitment : 13 साल से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे ये अभ्यर्थी परेशान हैं. सभी ओवरएज हो चुके हैं. इनके पास कोई विकल्प नहीं है. आइए इनके पक्ष को जानते हैं. 2009-10 में प्रदेश में बसपा की सरकार थी. तत्कालीन सीएम मायावती ने पुलिस विभाग में 35 हजार भर्ती का ऐलान किया. फिजिकल के बाद लिखित परीक्षा हुई. पेपर में 6 सवाल ऐसे आए थे जो गलत थे. रिजल्ट जारी हुआ तो उन 6 सवालों के कारण करीब 450 अभ्यर्थी इस भर्ती से बाहर हो गए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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