Fatehpur: सामूहिक धर्मांतरण मामले में 5वीं FIR, कई गांव के लोग हुए शिकार, आरोपियों की खंगाली जा रही कुंडली...

सत्यपाल की ओर से पुलिस को दी तहरीर में उसने बताया कि वह मिशन हॉस्पिटल की एएनएम लिली सी से जनवरी में मिला था. वह उसे यीशु की विशेषता, संपन्नता को लेकर समझाती रही और उसे 14 अप्रैल 2022 को हरिहरगंज चर्च ले जाकर पादरी समेत कई लोगों से मुलाकात कराई. इसके बाद भ्रमित कर उसका धर्मांतरण करा दिया.

Fatehpur: फतेहपुर में सामूहिक धर्मांतरण मामले में पांचवा मुकदमा दर्ज हुआ है. सत्यपाल सैमसन ने वर्ल्ड विजन के मैनेजर, पादरी समेत 67 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है. एफआईआर के मुताबिक आरोप है कि एएनएम लिली सी उसे मिशन हॉस्पिटल से गुमराह कर चर्च ले गई, जहां पर प्रलोभन देकर उसका धर्मांतरण कराया.

धर्मांतरण के मामले लगातार बढ़ने के बाद से पुलिस और स्वाट टीम भी एक्टिव मोड में है. दोआबा में धर्मांतरण करा चुके लोगों की कुंडली खंगालने में पुलिस लगी हुई है. पुलिस विवशता और प्रलोभन समेत कई बिंदुओं पर ब्यौरा जुटा रही है, इसके साथ ही विवशता में आस्था बदलने वाले लोगों को पुलिस गवाह बनाकर धर्मांतरण के आरोपित पर शिकंजा कसेगी.

पीड़ितों का टटोलेगी मन

पुलिस धर्मांतरण को लेकर करीब बारह बिंदुओं पर पूछताछ के साथ उसकी कार्य पद्धत्ति भी देखेगी. इसके साथ ही पीड़ितों का मन टटोलेगी कि उनकी अपने पूर्व धर्मं पर आस्था है या नहीं. ऐसे में अगर थोड़ी भी गुंजाइश होती है, तो उनको सुरक्षा का भरोसा देकर धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ गवाह के रूप में तैयार किया जाएगा, जिससे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके.

भ्रमित कर कराया धर्मांतरण

सत्यपाल की ओर से पुलिस को दी तहरीर में उसने बताया कि वह मिशन हॉस्पिटल की एएनएम लिली सी से जनवरी में मिला था. वह उसे यीशु की विशेषता, संपन्नता को लेकर समझाती रही और उसे 14 अप्रैल 2022 को हरिहरगंज चर्च ले जाकर पादरी समेत कई लोगों से मुलाकात कराई. इसके बाद भ्रमित कर उसका धर्मांतरण करा दिया. वहीं पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि आरोपितों को सख्त सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी. धर्मांतरण करा चुके बड़ी संख्या में लोग पुलिस के संपर्क में हैं. कई लोगों के मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, कई लोगों के शिकायती पत्रों पर जांच की जा रही है, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी.

हजारों ने बदल दिया धर्म

अप्रैल 2022 में फतेहपुर में धर्मांतरण के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी. जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाले खुलासे होते गए. पुलिस को जांच में विदेशों से फंडिंग के सबूत मिले. जांच में शुआट्स के कुलपति आरबी लाल का नाम सामने आने पर उनके खिलाफ भी एफआईआर हुई. विहिप का दावा है कि अब तक 50-60 हजार लोगों को बरगला कर धर्म बदलवाया गया.

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पूरे मामले में अब तक एसआईटी ने 5 एफआईआर दर्ज की है, जिसमें दो रिपोर्ट तो सोमवार को 67 लोगों के खिलाफ हुई तो एक एफआईआर बुधवार को हुई. विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय के अनुसार फतेहपुर जिले में गांव के गांव धर्मांतरण का शिकार हुए हैं. कम से कम यह संख्या 50-60 हजार की है. यह सिलसिला 2008 से चल रहा है.

कब-कब हुई एफआईआर

  • 14 अप्रैल 2022 को विहिप के हिमांशु दीक्षित ने 55 लोगों पर केस दर्ज कराया.

  • 20 जनवरी 2023 को सुलतानपुर के सर्वेन्द्र विक्रम सिंह ने 60 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई.

  • 23 जनवरी 2023 को हरिहरगंज के संजय सिंह ने 67 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया.

  • 23 जनवरी 2023 को हरिहरगंज के वीरेन्द्र कुमार ने 67 लोगों पर केस दर्ज कराया.

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