Navratri 2022 : गोरखपुर जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डॉक्टर योगेश्वर राय ने 1896 में अस्पताल परिसर में ही दुर्गा पूजा की शुरुआत की. आज गोरखपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र की दुर्गा बाड़ी में यह प्रतिमा रखी जाती है. और सन 1953 से लगातार दुर्गा बाड़ी में यह मूर्ति रखी जाती है. दुर्गा बाड़ी में जो मां दुर्गा की प्रतिमा बैठाई जाती है वह कोलकाता से आए कलाकार द्वारा बनाई जाती है. दुर्गा बाड़ी में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की विशेष व्यवस्था की जाती है.
Navratri 2022 : गोरखपुर में बंगाली समिति ने शुरू की थी दुर्गा पूजा
गोरखपुर में सांगठनिक दुर्गा पूजा शुरू करने का श्रेय शहर की बंगाली समिति को जाता है. आज गोरखपुर में दुर्गा पूजा ने भव्य रूप ले लिया है. गोरखपुर में 9 दिन नवरात्र में माँ दुर्गा की विधिवत पूजा अर्चना होती है. गोरखपुर में दुर्गा पूजा की शुरुवात 19 वी सदी के अंतिम वर्षों मैं हुआ था.

Navratri 2022 : गोरखपुर में बंगाली समिति ने शुरू की थी दुर्गा पूजा