लखनऊ के रहने वाले इस युवा ने बनाया ड्रोन, आठ किमी तक उड़कर कर सकता है सेनीटाइज

देशभर में कोरोना का खतरा बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ हम इसे खत्म करने के लिए कई तरह की कोशिशें कर रहे हैं. एक कोशिश की है रोबोटिक साइंटिस्ट मिलिंद राज ने. उन्होंने ऐसा ड्रोन तैयार किया है जो सेनीटाइज करने के लिे ही तैयार किया गया है. इस ड्रोन में इनती क्षमता है कि वह 7 से 10 लीडर सेनीटाइज अपने साथ ले जाकर स्पे कर सकता है. इस ड्रोन को ट्रांसमीटर , मोबाइल या कंप्यूटर किसी से भी चलाया जा सकता है.

लखनऊ : देशभर में कोरोना का खतरा बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ हम इसे खत्म करने के लिए कई तरह की कोशिशें कर रहे हैं. एक कोशिश की है रोबोटिक साइंटिस्ट मिलिंद राज ने. उन्होंने ऐसा ड्रोन तैयार किया है जो सेनीटाइज करने के लिे ही तैयार किया गया है. इस ड्रोन में इनती क्षमता है कि वह 7 से 10 लीडर सेनीटाइज अपने साथ ले जाकर स्पे कर सकता है. इस ड्रोन को ट्रांसमीटर , मोबाइल या कंप्यूटर किसी से भी चलाया जा सकता है.

मिलिंद राज ने बताया कि मैं एक ऐसा ड्रोन बना रहा हूं जो 30 लीटर स्प्रे कर सके. चाइना की रिपोर्ट कहती है कि ड्रोन से सेनिटाइजेशन का काम 50 फीसद बेहतर होता है साधारण सेनिटाइजेशन के काम से. एक वेबसाइट में छपी खबर के अनुसार यह ड्रोन हवा में 8 किमी की दूरी तक जा कर गाड़ियों को सैनिटाइज कर सकता है. ड्रोन सैनिटाइज स्प्रे से लैस है जो तकरीबन डेढ़ मीटर चौड़ा और आधा मीटर ऊंचा है. इसमें 6 रोटर इंजन है और इसमें एक टंकी लगी है जिसमें सेनिटाइजर भरकर स्प्रे के लिए भेजा जा सकता है. इस ड्रोन से मिलिंद राज ने ने स्प्रे का काम भी शुरू कर दिया है. ड्रोन स्प्रे से 150 गाड़ियों को सेनिटाइज किया जा चुका है

मिलिंद इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहते हैं. संक्रमण गाड़ियों पर 72 घंटे तक रहता है और उन्हें आसानी से साफ करने के लिए यह ड्रोन उपयोगी है. इस ड्रोन का इस्तेमाल खास तौर पर गाड़ियों को सेनिटाइज करने के लिए किया जा सकता है. ड्रोन का वजन लगभग 10 किलो है और ये अभी आठ किलोमीटर तक उड़ सकता है. मिलिंद इसे और बेहतर बनाने के लिए काम करहे है. वह चाहते हैं कि कम से कम 30 लीडर सेनीटाइजर लेकर उड़ सके और करीब तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई पर उड़ सके.

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By PankajKumar Pathak

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