मिसाल: राममंदिर निर्माण के लिए आगे आयी मुस्लिम महिला, नाम मिला 'ठकुराइन सिया दुलारी'

राम मंदिर के निर्माण कार्य की जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग के साथ करीब 50 मुस्लिम महिला-पुरुषों का एक दल अयोध्या पहुंचा है. दल ने गुरुवार को निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास और श्री राम अयोध्या तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष संत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की और जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण शुरू करने का आह्वान किया.

राम मंदिर के निर्माण कार्य की जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग के साथ करीब 50 मुस्लिम महिला-पुरुषों का एक दल अयोध्या पहुंचा है. दल ने गुरुवार को निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास और श्री राम अयोध्या तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष संत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की और जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण शुरू करने का आह्वान किया. इस मुलाकात के दौरान अद्भुत दृश्य उस समय नजर आया जब संत नृत्य गोपाल दास ने शन्नो खान नाम की एक मुस्लिम महिला को ‘ठकुराइन सिया दुलारी’ का नया नाम दे दिया. इस नये नाम को पाकर मुस्लिम महिला भी गदगद नजर आयी.

ठकुराइन सिया दुलारी नाम पाने वाली मुस्लिम महिला ने राम मंदिर के जल्द निर्माण की मांग के साथ-साथ नागरकिता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में धरने पर बैठीं महिलाओं की जमकर आलोचना की. यही नहीं कई अन्य मुस्लिम मौलाना और मुस्लिम धर्म से जुड़े मुस्लिम बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने भी शाहीन बाग जैसे आंदोलनों की आलोचना की और राम मंदिर का समर्थन करते हुए मुस्लिम धर्म के लोगों को आपसी भाईचारे बनाये रखने की बात कही जो अब तक अयोध्या की खास परंपरा रही है.

सीएए पर प्रदर्शन कर रही महिलाओं के बारे में शन्नो खान ने कहा कि पता नहीं वे कौन लोग हैं जो ऐसा कर रहे हैं. हम लोगों की नागरिकता छीनने के लिए थोड़े ही यह काम हो रहा है. नागरिकता उन्हें दी जाएगी जो शरणार्थी बाहर से आ रहे हैं. हमारा तो हिंदुस्तान वतन है हमें थोड़े ही निकाला जा रहा है. हमें अमन और शांति फैलाना चाहिए.

राम मंदिर ट्रस्ट का अकाउंट हुआ एक्टिव

रामलला के लिए स्थायी मंदिर निर्माण हेतु गुरुवार को ‘श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट’ के नाम से एसबीआइ के अयोध्या ब्रांच में एक चालू खाता एक रुपये के शुरुआती जमा के साथ खोला गया. पहले सभी दान 27 साल पुराने एक खाते में जमा कराये जा रहे थे जिसे विवादित स्थल के रिसीवर यानी कमिश्नर द्वारा संचालित किया जाता था.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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