समय पर इलाज ना मिलने के कारण गर्भवती महिला और बच्चे की मौत

मिर्जापुर : कुछ ही दिनों पहले उत्तरप्रदेश के कानपुर से एक खबर आयी थी जिसमें एक बच्चे की मौत समय पर इलाज ना मिलने के कारण हो गयी थी और अब मिर्जापुर से इसी तरह की खबर सामने आयी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अपनी गर्भवती बहू के इलाज के लिए उसके ससुर अस्पतालों की […]

मिर्जापुर : कुछ ही दिनों पहले उत्तरप्रदेश के कानपुर से एक खबर आयी थी जिसमें एक बच्चे की मौत समय पर इलाज ना मिलने के कारण हो गयी थी और अब मिर्जापुर से इसी तरह की खबर सामने आयी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अपनी गर्भवती बहू के इलाज के लिए उसके ससुर अस्पतालों की चक्कर काटते रहे लेकिन डॉक्टरों ने महिला को उचित इलाज उपलब्ध नहीं कराया, जिसके कारण जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गयी.

महिला को सरकार एम्बुलेंस के जरिये गेरुआ गांव से जिला महिला अस्पताल लाया गया. सुविधा ना होने के कारण उसके बुजुर्ग ससुर उसे गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गये. लेकिन इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने के पांच घंटे बाद भी किसी डॉक्टर ने उसे नहीं देखा. ड्‌यूटी पर तैनात नर्स ने गर्भवती महिला को ड्रिप लगा दिया. तीन बजे भोर से लेकर जब सुबह आठ बजे तक इमरजेंसी वार्ड में कोई डॉक्टर नहीं पहुंची तो बहू को तड़पता देख ससुर उसे प्राइवेट अस्पताल ले गये. लेकिन महिला की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वहां के डॉक्टर्स ने उसे वापस जिला महिला अस्पताल भेज दिया.

सुविधा न होने के कारण महिला के ससुर उसे गोद में उठाकर इमरजेंसी वार्ड तक ले गये. लेकिन इमरजेंसी में न तो कोई डॉक्टर थीं और न ही कोई नर्स.काफी देर बाद महिला को इलाज मुहैया कराया गया और महिला का अॅापरेशन हुआ, लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो गयी. चूंकि इलाज में देरी हुई थी इसलिए महिला के शरीर में भी इंफेक्शन फैल गया और उसकी मौत हो गयी. महिला के ससुर ने आरोप लगाया कि ना तो उनकी बहू को सरकारी अस्पताल और ना ही प्राइवेट अस्पताल में सही और समय पर इलाज मिला जिसके कारण उसकी मौत हो गयी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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