यूपी के 48 जिलों में अब तक सामान्‍य से 40% कम वर्षा की गई दर्ज, क‍िसानों को सूखे की मार का सता रहा डर

आधी जुलाई बीतने को है. बार‍िश की आस में आमजन और किसानों की आंखें पथरा गई हैं. बढ़ते तापमान से सभी हलकान हैं. रात के तापमान में भी रोजाना एक से दो ड‍िग्री सेल्‍स‍ियस तक की बढ़त दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग ने 14 जुलाई तक पूर्वी और पश्‍चि‍मी यूपी के कुछ जिलों को छोड़कर प्रदेश भर में बार‍िश के आसार...

UP Monsoon Update 2022: बारिश के इंतजार ने लोगों की अब धड़कनें बढ़ा दी हैं. तापमान के कहर से सभी बेचैन हो गए हैं. यूपी में कम होती बार‍िश अब किसानों के साथ ही राज्‍य सरकार के लिए चिंता का सबब बन गई है. यही हाल रहा तो प्रदेश को सूखाग्रस्‍त घोष‍ित किया जा सकता है. इसे लेकर तैयारी भी शुरू कर दी गई है.

लखनऊ और आस-पास के जिलों में…

आधी जुलाई बीतने को है. बार‍िश की आस में आमजन और किसानों की आंखें पथरा गई हैं. बढ़ते तापमान से सभी हलकान हैं. रात के तापमान में भी रोजाना एक से दो ड‍िग्री सेल्‍स‍ियस तक की बढ़त दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में बताया था कि 14 जुलाई तक पूर्वी और पश्‍चि‍मी यूपी के कुछ जिलों को छोड़कर प्रदेश भर में बार‍िश के आसार नहीं हैं. अगले दो दिनों तक लखनऊ और आस-पास के जिलों में हल्‍की-फुल्‍की बदली के साथ मौसम साफ रहेगा. वहीं, अध‍िकतम तापमान 38 ड‍िग्री सेल्‍स‍ियस और न्‍यूनतम तक रह सकता है.

खरीफ की नहीं हो सकी रोपाई

आषाढ़ महीने में अपेक्ष‍ित बार‍िश न होने के कारण धान रोपाई का काम काफी प्रभाव‍ित हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 35.08 प्रतिशत वर्षा हुई है. इसके चलते कुछ किसानों ने रोपाई तो कर ली है मगर अब उनकी च‍िंता इसकी सिंचाई करने को लेकर है. कृष‍ि विज्ञान की पढ़ाई कर रहे अमित शुक्‍ला ने बताया कि आमतौर पर खरीफ सीजन में 15 जून से 15 जुलाई तक रोपाई की जाती है. बीते साल 22 लाख हेक्‍टेयर में धान की रोपाई की जा चुकी थी. इस बार कम वर्षा के चलते अब तक 16 लाख हेक्‍टेयर ही रोपाई की जा सकी है. वहीं, प्रदेश में अब तक 48 जिलों में सामान्‍य से 40 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज की गई है. केंद्र व प्रदेश सरकार अब सूखे का आंकलन करने में जुट गई है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >