राजस्थान से अशोक गहलोत का पत्ता साफ! सोनिया गांधी से सचिन पायलट की मुलाकात के बाद अटकलें तेज

सचिन पायलट ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, अपनी भावनाओं एवं फीडबैक से उन्हें अवगत कराया है. पायलट ने उम्मीद जतायी कि राज्य के संदर्भ में पार्टी अध्यक्ष सकारात्मक निर्णय लेंगी. सचिन ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष ने हमें सुना.

राजस्थान में जारी राजनीतिक संकट के बीच राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. सोनिया गांधी ने अशोक गहलोत के बाद सचिन पायलट को भी दिल्ली तलब की थी. पिछले दिनों राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर पायलट और गहलोत गुट के बीच फिर से विवाद गहरा गया. जिसके बाद सोनिया गांधी को हस्तक्षेप करना पड़ा.

पायलट ने सोनिया गांधी के सामने रखी अपनी बात

सचिन पायलट ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, अपनी भावनाओं एवं फीडबैक से उन्हें अवगत कराया है. पायलट ने उम्मीद जतायी कि राज्य के संदर्भ में पार्टी अध्यक्ष सकारात्मक निर्णय लेंगी. सचिन ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष ने हमें सुना. राजस्थान का जो घटनाक्रम है, उस पर चर्चा की गई. मैं मानता हूं कि जो हमारी भावनाएं थी, फीडबैक था, वो मैंने सोनिया गांधी जी को बताया है.

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अगले दो दिनों में सोनिया गांधी करेंगी राजस्थान के मुख्यमंत्री पर फैसला

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी अगले एक-दो दिन में राजस्थान के मुख्यमंत्री के बारे में फैसला करेंगी. दरअसल अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की संभावना के बाद राजस्थान में नये मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा होने लगी. गहलोत के उत्तराधिकारी के रूप में सचिन पायलट का नाम सामने आने पर गहलोत गुट के विधायकों ने विद्रोह कर दिया और विधायक दल की बैठक का बहिष्कार कर दिया और इस्तीफा देने की पेशकश कर दी. दूसरी ओर सचिन के समर्थक उन्हें नये मुख्यमंत्री के रूप में देखने के लिए जश्न की तैयारी करने लगे.

अशोक गहलोत ने अध्यक्ष पद के चुनाव से अपना नाम वापस लिया

राजस्थान कांग्रेस में बवाल के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सोनिया गांधी ने तलब किया था. दिल्ली में उनके आवास 10 जनपथ पर मुलाकात के बाद अशोक गिहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से साफ इनकार कर दिया, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान में मुख्यमंत्री को लेकर जल्द ही सोनिया गांधी फैसला लेंगी. उन्होंने जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक नहीं हो पाने की घटना के लिए सोनिया से माफी मांगी. गहलोत के इस बयान के बाद यह अटकलें लगायी जाने लगी हैं कि मुख्यमंत्री पद से भी उनका पत्ता साफ हो सकता है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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