LPG Fraud Alert: राजस्थान में एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग और कथित किल्लत का फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं. साइबर अपराधियों ने ठगी के नए जाल बुनना शुरू कर दिया है. पुलिस ने लोगों को जागरुक रहने की सलाह दी है. पुलिस ने कहा कि अपराधी मनोवैज्ञानिक दबाव और तकनीकी हथकंडों से लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं.
क्या हथकंडे अपना रहे ठग, पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस उपमहानिरीक्षक शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि ठग पांच तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं.
- फर्जी एलपीजी बुकिंग वेबसाइट बनाकर बैंक विवरण चोरी करना.
- केवाईसी अपडेट नहीं होने पर कनेक्शन बंद करने का डर दिखाकर ओटीपी और यूपीआई पिन हासिल करना.
- फर्जी एसएमएस या व्हाट्सऐप लिंक के जरिए जालसाजी.
- एनीडेस्क या टीमव्यूअर जैसे ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल पर नियंत्रण करना
- क्यूआर कोड स्कैन कराकर भुगतान के नाम पर ठगी करने में लगे हैं.
सुरक्षा के उपाय
पुलिस ने साइबर ठगी से बचने के लिए पांच सुरक्षा नियम भी बताए हैं.
- केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का उपयोग करें.
- किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें.
- बैंकिंग जानकारी गोपनीय रखें, किसी को भी न दें.
- अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें.
- भुगतान से पहले किसे भेज रहे हैं इसकी जांच कर लें.
ठगी का शिकार होने पर तुरंत पुलिस से करें संपर्क
पुलिस उपमहानिरीक्षक ने बताया कि कोई भी गैस कंपनी फोन पर ओटीपी या पिन नहीं मांगती. अगर फोन पर कोई यह मांगे तो समझ लें की ये ठगी की साजिश है. उन्होंने यह भी कहा कि ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन, साइबर पोर्टल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके. (इनपुट भाषा)
