Rourkela News: विचाराधीन कैदी की मौत के बाद भड़के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, बोले-ठेकेदारों के इशारे पर काम कर रहा आबकारी विभाग

Rourkela News: विचाराधीन कैदी की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बिरमित्रपुर आबकारी कार्यालय का घेराव किया. उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की.

Rourkela News: राउरकेला स्पेशल जेल के विचाराधीन कैदी रायबोगा के दलकी गांव निवासी राजेश कुजूर की राउरकेला सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं ने गुरुवार को बिरमित्रपुर आबकारी कार्यालय का घेराव किया. इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप लगाये गये. कहा कि देशी शराब के ठेकेदारों के निर्देश पर आबकारी विभाग आम लोगों को प्रताड़ित कर रहा है.

कांग्रेस और बीजद के नेताओं ने प्रदर्शन में लिया हिस्सा

राजेश की पत्नी अमृता कुजूर तथा परिजनों के अलावा कांग्रेस नेता अल्बर्ट किंडो, बीजद की रश्मि एक्का, कुना देव, रोहित दीप, महेश साहू, कांग्रेस के विक्रम पटनायक इस प्रदर्शन में शामिल हुए. अल्बर्ट किंडो ने कहा कि राजेश की मौत एक नृशंस हत्या है. आबकारी विभाग तथा जेल प्रशासन इसके लिए जिम्मेवार हैं. राजेश के परिवार को उचित मुआवजा मिलना चाहिए. महेश साहू ने राजेश के परिवार के भरण पोषण के लिए उपयुक्त मुआवजे की मांग की. थाना प्रभारी राम प्रसाद नाग, आबकारी विभाग के अधिकारी के साथ अल्बर्ट किंडो, रश्मि एक्का, रोहित दीप, विक्रम पटनायक, कुना देव, महेश साहू के साथ कई दौर की बातचीत हुई. लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकल सका. स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण मौके पर पुलिस बड़ी संख्या में मौजूद थी.

बातचीत में नहीं बनी सहमति, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

गुरुवार को बिरमित्रपुर आबकारी कार्यालय का घेराव कर रहे परिजनों व स्थानीय नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से कई दौर की बातचीत की. लेकिन किसी तरह की सहमति नहीं बनने की सूचना मिल रही है. जिसके बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गयी है. बीजद नेता रश्मि एक्का ने बताया कि राजेश के चार बच्चे हैं, जिसमें एक बेटा और तीन बेटियां हैं. बड़ी बेटी 18 साल की हो चुकी है. परिवार की मांग है कि बड़ी बेटी को नौकरी मिले और परिवार को आर्थिक सहयोग भी दिया जाये. राजेश अपने परिवार का भरण पोषण करनेवाला इकलौता व्यक्ति था. घर में कमाई का कोई साधन नहीं है. लिहाजा परिवार की मांग है कि नौकरी और मुआवजा दिया जाये. इस पर अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है, लिहाजा परिजन शव उठाने से इनकार कर रहे हैं.

आबकारी अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

: गुरुवार को घेराव के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने आबकारी अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा. जिसमें राजेश की मौत टॉर्चर करने के कारण होने की बात कही गयी है. मामले में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गयी है. पश्चिमांचल डीआइजी ब्रजेश कुमार राय ने कहा कि राजेश कुजूर की मौत के मामले की न्यायिक जांच के बाद जो रिपोर्ट आयेगी उसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी. जांच की एक प्रक्रिया है, उसके पूरा होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी.

मंगलवार को हुई थी राजेश की मौत

राउरकेला स्पेशल जेल में विचाराधीन कैदी राजेश कुजूर की मंगलवार रात राउरकेला सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. उसे जेल प्रशासन ने तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया था. राजेश की मौत के बाद उसके परिजनों ने बिरमित्रपुर अवकारी टीम पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था और मामले की जांच की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया था. राजेश की पत्नी अमृता कुजूर (37) ने इस संबंध में रघुनाथपाली थाना में लिखित शिकायत दर्ज करायी थी.

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By BIPIN KUMAR YADAV

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