Rourkela News: राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के कोक ओवन विभाग ने हाल ही में समाप्त हुए वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कई महत्वपूर्ण परिचालन उपलब्धियां हासिल कीं. आधारभूत संरचना विकास, महत्वपूर्ण मरम्मत कार्यों, सुरक्षा उन्नयन तथा तकनीकी आधुनिकीकरण पर विभाग के विशेष ध्यान ने उत्पादन की निरंतरता एवं कार्यस्थल सुरक्षा को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया.
बेल्ट कन्वेयर 501-एक्स का निर्माण कर किया चालू
विभाग की प्रमुख उपलब्धियों में बेल्ट कन्वेयर 501-एक्स का सफल निर्माण एवं चालूकरण शामिल है, जिसे मिलियन टन साइड से नये कोक स्क्रीनिंग प्लांट मार्ग के माध्यम से ब्लास्ट फर्नेस-5 तक धातुकर्मीय कोक के परिवहन के लिए स्थापित किया गया. इस स्थापना से ब्लास्ट फर्नेस-5 को कोक आपूर्ति में सुधार हुआ तथा कोक हैंडलिंग दक्षता में भी वृद्धि हुई. वर्षभर परिचालन की विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए कई महत्वपूर्ण मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य सफलतापूर्वक किये गये. इनमें कोक ओवन बैटरी-1 के सीमित सेलर क्षेत्र में 40 मीटर लंबी ब्लास्ट फर्नेस गैस पाइपलाइन का सुरक्षित प्रतिस्थापन, निर्बाध कोयला उठान सुनिश्चित करने के लिए रिक्लेमर-1 एवं 2 के बोगी प्रतिस्थापन तथा असुरक्षित परिचालन स्थितियों के कारण बैटरी-4 के लोड लिफ्टिंग डिवाइस को हटाना शामिल था. इसके अतिरिक्त, बैटरी-5 बी के 20 ओवनों की पूर्ण दीवार मरम्मत से जुड़ा एक व्यापक मरम्मत अभियान भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया.
सीडीसीपी में 10 टन क्षमता वाले बॉयलर क्रेन को पुनर्जीवित किया
परिचालन दक्षता बढ़ाने एवं कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बैटरी-1, 3, 4 एवं 5 के रैम कार एवं गाइड कारों के लिए सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली तथा रडार आधारित प्रॉक्सिमिटी डिटेक्शन प्रणाली भी चालू की गयी. इस उन्नयन से ऑपरेटरों की दृश्यता में उल्लेखनीय सुधार हुआ तथा कोक पुशिंग एवं गाइडिंग कार्यों के दौरान सुरक्षा जोखिमों में कमी आयी. एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के तहत सीडीसीपी में 10 टन क्षमता वाले बॉयलर क्रेन को पुनर्जीवित किया गया. इसके साथ ही होइस्ट में वीवीवीएफ ड्राइव्स का प्रतिस्थापन एवं उचित प्रोग्रामिंग की गयी, जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई. लिफ्टर-1 एवं लिफ्टर-4 में ट्रेलिंग केबल सपोर्टिंग संरचनाओं में संशोधन किये गये तथा लिफ्टर-3 एवं लिफ्टर-4 में अतिरिक्त होइस्ट ब्रेक पैनल स्थापित किये गये. इस संशोधन से होइस्ट ब्रेक विफल होने तथा हॉट बकेट फंसने की स्थिति में तुरंत स्पेयर ब्रेक पैनल पर स्विचओवर संभव हो सका, जिससे ब्रेकडाउन समय में उल्लेखनीय कमी आयी. विभाग की एक ऐतिहासिक उपलब्धि सीडीसीपी चैंबर-4 की महामरम्मती को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करना रही. यह राउरकेला इस्पात संयंत्र में अपनी तरह का पहला महामरम्मती कार्य था, जिसने संयंत्र के परिचालन इतिहास में अनुरक्षण उत्कृष्टता का एक नया मानदंड स्थापित किया.
