Rourkela News: हाइकोर्ट के आदेश पर आरएसपी ने लीला होटल को किया सील, अनधिकृत कब्जा हटाया

Rourkela News: हाइकोर्ट के आदेश पर राउरकेला स्टील प्लांट ने सेक्टर-4 में होटल लीला को सील कर दिया है और अवैध निर्माण ढहा दिया है.

Rourkela News: राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) की ओर से गुरुवार को हाइकोर्ट के आदेश पर सेक्टर-4 स्थित होटल लीला को सील कर दिया गया है. साथ ही होटल लीला के आसपास आरएसपी की जमीन पर किया गया अतिक्रमण भी जेसीबी लगाकर ढहा दिया गया है. इससे पहले 27 मई, 2025 को आवासीय क्वार्टर में ऐसी बेदखली की गयी थी, जहां पूर्व कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद भी रह रहा था और क्वार्टर नंबर ए/307, सेक्टर-4 को खाली नहीं कर रहा था.

विभाग से बिना अनुमोदन हस्तांतरित किया गया था लाइसेंस

जानकारी के अनुसार, आरएसपी के टाउन सर्विसेज डिपार्टमेंट की ओर से लीला रेस्टोरेंट, यानी कैंटीन नंबर-1, सेक्टर-4, को वर्ष 1999 में लाइसेंस के आधार पर अरुण कुमार सिंह को आवंटित किया गया था. लेकिन विभाग से पूर्व अनुमोदन के बिना अरुण सिंह ने अनधिकृत रूप से लाइसेंस प्राप्त परिसर का कब्जा हरबिंदर सिंह डींगरा को हस्तांतरित कर दिया और उनके पक्ष में एक जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी निष्पादित की. चूंकि डींगरा के नाम पर नियमितीकरण का अनुरोध स्वीकृत नहीं किया गया था, इसलिए उन्होंने समय-समय पर जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय के समक्ष कई मुकदमे दायर किये.

बिना लाइसेंस स्थायी संरचनाओं का किया गया था निर्माण

अपने अनधिकृत कब्जे के दौरान डींगरा ने आरएसपी से आवश्यक अनुमति प्राप्त किये बिना लाइसेंस प्राप्त परिसर के भीतर स्थायी संरचनाओं का निर्माण भी किया. इन उल्लंघनों के अलावा बकाया राशि के भुगतान में लगातार चूक हुई. नगर सेवा विभाग द्वारा कई नोटिस जारी करने के बावजूद लाइसेंस शुल्क और संबद्ध शुल्क की एक बड़ी राशि का भुगतान नहीं किया गया. इसके अलावा डींगरा को डीजी सेट का संचालन करते तथा अपेक्षित अनुमति के बिना भूजल निकालते पाया गया, जिससे पर्यावरण मानदंडों का उल्लंघन हुआ तथा क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा था. उपरोक्त अनियमितताओं के मद्देनजर अरुण कुमार सिंह के पक्ष में जारी लाइसेंस दिनांक 29 जुलाई 2024 को निरस्त कर दिया गया. निरस्तीकरण के पश्चात, सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के अंतर्गत 13-08-2024 को बेदखली का मामला दायर किया गया. पीपी न्यायालय ने 09 अप्रैल 2025 को अंतिम बेदखली आदेश पारित किया. डींगरा की याचिका पर जिला न्यायालय द्वारा उक्त आदेश पर रोक लगा दी गयी.

आरएसपी ने खटखटाया था हाइकोर्ट का दरवाजा

आरएसपी ने स्थगनादेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी, जिसने जिला न्यायालय के आदेश को निलंबित कर दिया तथा पीपी न्यायालय द्वारा पारित बेदखली आदेश को बहाल कर दिया. इसके बाद पीपी कोर्ट ने बेदखली अधिकारी को बेदखली की कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया. उक्त निर्देश के अनुपालन में बेदखली अधिकारी ने बेदखली की प्रक्रिया को अंजाम दिया और गुरुवार को परिसर को सफलतापूर्वक खाली कराकर सील कर दिया गया. इसके अलावा आरएसपी ने लाइसेंसधारियों और कब्जाधारियों के खिलाफ कई ऐसे निष्कासन की योजना बनायी है, जिन्होंने लाइसेंस प्राप्त परिसर के भीतर अनधिकृत निर्माण कार्य किया हो. बिना अनुमोदन के जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी या अन्यथा के माध्यम से दुकानों या क्वार्टरों को उप-किराये पर देना या कब्जा हस्तांतरित करना. सेवानिवृत्ति के बाद भी अनधिकृत रूप से आवासीय क्वार्टर पर कब्जा बनाये रखने का काम किये हों.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Bipin kumar yadav

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >