Bhubaneswar News: गोपालपुर बंदरगाह के विस्तार और पारादीप के पास जेटी स्थापित करने को हुआ समझौता

Bhubaneswar News: गोपालपुर बंदरगाह के विस्तार और पारादीप के पास जेटी स्थापित करने के लिए ओडिशा सरकार ने समझौता किया है.

Bhubaneswar News: गोपालपुर बंदरगाह के उन्नयन और जगतसिंहपुर जिले के जटाधर मुहाने पर कैप्टिव जेटी के निर्माण के लिए एक रियायत समझौते पर गुरुवार को हस्ताक्षर किया गया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य के विभिन्न स्थानों पर बंदरगाह, जेटी और अन्य आधारभूत ढांचों की स्थापना कर ओडिशा में समुद्री व्यापार के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है.

2100 करोड़ निवेश करेगा जेएसडब्ल्यू, 52 मिलियन टन माल परिवहन होगा

बताया गया कि जगतसिंहपुर जिले के एरसमा तहसील अंतर्गत जटाधर मुहाने पर एक कैप्टिव जेटी के निर्माण के लिए जेएसडब्ल्यू उत्कल स्टील लिमिटेड और ओडिशा सरकार के बीच रियायत समझौता हुआ है. 52 मिलियन मीट्रिक टन माल ढोने की क्षमता वाली इस जेटी की स्थापना के लिए प्रारंभिक चरण में 2100 करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा और इसके माध्यम से लगभग 3,450 प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार सृजित होंगे. इसी प्रकार, 16,554 करोड़ के निवेश से गोपालपुर बंदरगाह के विस्तार और उन्नयन कार्य के लिए गोपालपुर पोर्ट्स लिमिटेड और ओडिशा सरकार के बीच भी रियायत समझौता हुआ है. इस उन्नयन कार्य के बाद बंदरगाह की माल परिवहन क्षमता 50 मिलियन मीट्रिक टन हो जायेगी और इसके जरिए लगभग 5000 युवाओं को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार मिलेगा. इस अवसर पर जेएसडब्ल्यू उत्कल स्टील लिमिटेड के प्रेसिडेंट अनिल कुमार सिंह, गोपालपुर पोर्ट्स लिमिटेड के बिजनेस हेड संदीप जायसवाल और ओडिशा सरकार की ओर से बंदरगाह निदेशक पद्मलोचन राउत ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में संबंधित रियायत समझौतों पर हस्ताक्षर किये.

समुद्री व्यापार का विकास राज्य सरकार का एक प्रमुख फोकस क्षेत्र है : मुख्यमंत्री

लोकेसेवा भवन में आयोजित इस समझौता हस्ताक्षर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समुद्री व्यापार के विकास के लिए विभिन्न निजी कंपनियों के साथ भागीदारी के आधार पर कार्य किये जाने का लक्ष्य रखा गया है. आने वाले दिनों में इंचूड़ी और बाहुड़ा में दो नये बंदरगाह स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि सुवर्णरेखा और अस्तरंग बंदरगाहों के विकास के लिए भी योजनाएं बनायी जा रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि गोपालपुर पोर्ट लिमिटेड और जेएसडब्ल्यू स्टील, दोनों कंपनियां बंदरगाह विकास और इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मशहूर हैं. ये दोनों परियोजनाएं ओडिशा में पोर्ट-आधारित विकास के क्षेत्र में एक नया युग आरंभ करेंगी और इनके माध्यम से राज्य में 8450 प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार सृजित होंगे.

ओडिशा के समग्र विकास में बंदरगाहों और जेटियों की प्रमुख भूमिका

वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने कहा कि ओडिशा के समग्र विकास में बंदरगाहों और जेटियों के उन्नयन की एक प्रमुख भूमिका है. ओडिशा के विस्तृत समुद्र तटीय क्षेत्र में कई संभावित स्थानों की पहचान की गयी है, जहां मध्यम एवं लघु बंदरगाह, जेटी तथा तटीय परिवहन और आधारभूत ढांचे के विकास को राज्य सरकार की प्राथमिकता के रूप में चिह्नित किया गया है. इस कार्यक्रम में मत्स्य और पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मलिक, मुख्य प्रशासनिक सचिव मनोज आहूजा, विकास आयुक्त अनु गर्ग, उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य प्रशासनिक सचिव हेमंत शर्मा तथा जेएसडब्ल्यू उत्कल स्टील और गोपालपुर पोर्ट्स लिमिटेड के अधिकारी उपस्थित थे. वाणिज्य और परिवहन विभाग की प्रमुख प्रशासनिक सचिव उषा पाढ़ी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि अतिरिक्त सचिव विधान राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

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Published by: Bipin kumar yadav

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