Sambalpur News: बामड़ा रेलवे स्टेशन के ईस्ट रेलवे फाटक के पास मंगलवार रात बंद फाटक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से एक बाइक चालक की मौत हो गयी. मृतक की पहचान डुमेरमुंडा गांव निवासी धनी माझी के पुत्र लक्ष्मण माझी (36) के रूप में हुई है. वह बामड़ा कॉलेज रोड स्थित एक वाहन वॉशिंग सेंटर में काम करता था.
बंद फाटक के नीचे से बाइक निकालकर रेल लाइन पार कर रहा था
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 10 बजे लक्ष्मण माझी ईस्ट रेलवे फाटक पर पहुंचा. उस समय फाटक बंद था. वह फाटक के नीचे से बाइक निकालकर रेलवे लाइन पार करने का प्रयास कर रहा था. इसी दौरान मुंबई-शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस की चपेट में आ गया. तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी और काफी दूर तक घिसटती चली गयी. दुर्घटना में लक्ष्मण माझी को गंभीर चोटें आयीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गयी. घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी चौकी के अधिकारी अरुण कुमार भैंसाल, पितांबर साहू, सुब्रत दास तथा आरपीएफ के वीरेंद्र कुमार और विवेक कुमार मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था. बुधवार को गोविंदपुर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. जीआरपी ने इस संबंध में एक मामला दर्ज किया है.
एक घंटे तक घटना स्थल पर रुकी रही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस
दुर्घटना के कारण ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस लगभग एक घंटे तक घटनास्थल के पास रुकी रही. जांच और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया. इस हादसे के बाद बामड़ा डुमेरमुंडा अंचल में शोक का माहौल है. स्थानीय लोगों ने रेलवे फाटक बंद होने पर सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि बामड़ा में ओवरब्रिज या अंडरपास की सुविधा नहीं होने के कारण ऐसे हादसे बार-बार होने का खतरा बना रहता है.
कोइड़ा : अनियंत्रित हाइवा की चपेट में आने से एक की मौत, एक गंभीर
कोइड़ा थाना की काल्टा पुलिस चौकी अंतर्गत कमांड स्टील प्लांट गेट के सामने नेशनल हाइवे-520 पर बुधवार को एक हाइवा अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर दूसरी ओर चला गया. इस हाइवा की चपेट में आने से बाइक सवाक एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है. घायल को कोइड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस जगह पर बार-बार हादसे होने के बावजूद न तो प्रशासन और न ही माइनिंग अधिकारी कोई कदम उठा रहे हैं, जिससे लगातार जान-माल का नुकसान हो रहा है.
