Rourkela News: कुसुमडीह रिजर्व फॉरेस्ट में मिली तेंदुए की लाश, एक गिरफ्तार

Rourkela News: कुसुमडीह रिजर्व फॉरेस्ट में मिली तेंदुए की लाश मिलने के बाद बणई वन विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है.

Rourkela News: सुंदरगढ़ जिले के बणई वन विभाग के अधीन तामड़ा रेंज के कुसुमडीही रिजर्व फॉरेस्ट में एक तेंदुए की लाश मिलने से सनसनी फैल गयी. इसकी सूचना पर हरकत में आये वन विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी है.

जहर देने से हुई तेंदुए की मौत, हुआ पोस्टमार्टम

वन विभाग के अनुसार, जिस तेंदुए की लाश मिली वह मादा है तथा उम्र करीब 12 वर्ष होगी. शुरुआती जांच में पता चला है कि जहर दिये जाने से उसकी मौत हुई. आरसीसीएफ और डीएफओ मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं. वन विभाग की ओर से कहा गया है कि कुसुमडीही गांव के नुआन खेस को चांदीपोष पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिस पर जहर देकर तेंदुए की जान लेने का संदेह है. बणई और गुरुंडिया प्रखंड पशु अस्पताल इकाई ने संयुक्त रूप से पोस्टमार्टम किया. इस दौरान तामड़ा ग्रामपंचायत की सरपंच सस्मिता एक्का भी मौजूद थीं. उनके अलावा ललित मोहन साहू (जेटीएफ-सदस्य ), पीएलएलएफ वाइल्डलाइफ ओडिशा, आरसीसीएफ पी रामासामी(आइएफएस), डीएफओ ललित कुमार पात्र सहित वन और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौजूद थे.

तीन मवेशी गायब हुए तो गुस्से में दिया जहर

वन विभाग के अधिकारियों के सामने नुआन खेस ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसके तीन मवेशी 28 नवंबर के बाद घर वापस नहीं लौटे. जिसके बाद उसने खोजबीन शुरू की. दो दिसंबर को जंगल जाकर देखा, तो पाया कि एक मवेशी का आधा शव पड़ा था. साफ पता चल रहा था कि किसी जानवर ने इसे खाया है. इस बारे में उसने वन विभाग को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी. गलत इरादों के साथ उसने मवेशी के शव, जिसे आधा खाकर जानवर ने छोड़ दिया था, उसके ऊपर जहर फेंक दिया. उसका इरादा था कि वह उस जानवर को पकड़े, जिसने उसके मवेशियों को खाया था. इसके बाद वह लगातार इंतजार करता रहा, ताकि वह जानवर को मार सके. इसके लिए वह रोजाना जंगल जा रहा था. इसके बाद किस समय यह घटना हुई, जिसके बारे में नुआन ने किसी को कुछ नहीं बताया. 11 दिसंबर को तेंदुए की लाश मिलने की खबर पाकर वन विभाग की टीम पहुंची और जांच के बाद जब नुआन से पूछताछ की, तो उसने सबकुछ स्वीकार कर लिया. नुआन को साथ लेकर वन विभाग ने सीन रीक्रिएट कराया. जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गयी. गौरतलब है कि तेंदुआ वाइल्ड लाइन प्रोटेक्शन एक्ट-1972 के तहत वन विभाग के शेड्यूल-1 के अंतर्गत संरक्षित पशु की श्रेणी में आता है.

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Published by: Bipin kumar yadav

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