134 साल पुराना डाकघर बना इतिहास की निशानी, अब रखरखाव के अभाव में पड़ा वीरान

झारसुगुड़ा का 134 साल पुराना ऐतिहासिक डाकघर जीर्णोद्धार के बाद भी उपेक्षा का शिकार है. जानिए क्यों स्वतंत्रता आंदोलन का साक्षी यह भवन आज बंद रहने को मजबूर है.

झारसुगुड़ा: ब्रिटिश शासनकाल में निर्मित झारसुगुड़ा का पुराना डाकघर आज अपने अस्तित्व और संरक्षण के लिए संघर्ष कर रहा है. करीब 134 वर्ष पुराना यह भवन स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का मूक साक्षी रहा है. दो वर्ष पहले, 3 फरवरी 2024 को इसके जीर्णोद्धार के बाद प्रधानमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से इसका लोकार्पण किया था. इसके बावजूद उचित रखरखाव के अभाव में भवन अधिकतर समय बंद पड़ा रहता है.

1942 में यहीं स्वतंत्रता सेनानियों ने फहराया था तिरंगा

झारसुगुड़ा के झंडा चौक के पास वर्ष 1892 में पुराने मुख्य डाकघर भवन की स्थापना हुई थी. बंगाल-नागपुर रेलवे (बीएनआर) लाइन पर झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन के शुरू होने के बाद इसका निर्माण कराया गया. वर्ष 1895 से यहां डाकघर की सेवा शुरू हुई. दो अक्तूबर, 1979 तक यह उपडाकघर के रूप में संचालित हुआ और 3 अक्तूबर 1979 से इसे मुख्य डाकघर का दर्जा दिया गया. वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों ने इसी डाकघर परिसर में तिरंगा फहराया था.

इस ऐतिहासिक घटना के कारण भवन का महत्व और बढ़ जाता है. जर्जर होने के कारण वर्ष 2011 में यहां से डाकघर को हटाकर समीप स्थित नये भवन में स्थानांतरित कर दिया गया. लंबे समय तक उपेक्षित रहने के कारण भवन की हालत जर्जर हो गयी और यहां रखे कई उपकरण चोरी हो गये. बाद में इसे ऐतिहासिक धरोहर भवन घोषित कर इसके पुनरुद्धार की मांग उठी.

2021 में 1.98 करोड़ खर्च कर किया गया था पुनरुद्धार

सरकार ने 14 दिसंबर 2021 को इसे हेरिटेज भवन घोषित किया और इसके पुनरुद्धार का काम शुरू कराया. इस ऐतिहासिक भवन के नवीनीकरण पर 2022-24 के दौरान 1.98 करोड़ रुपये खर्च किये गये. भवन करीब 10,580 वर्गफुट क्षेत्र में स्थित है, जबकि पूरे डाकघर परिसर का क्षेत्रफल करीब 21,365 वर्गफुट है.

पुनरुद्धार के बाद उम्मीद थी कि यह भवन झारसुगुड़ा के प्रमुख पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थलों में शामिल होगा. लेकिन वर्तमान में यहां न तो नियमित गतिविधियां संचालित हो रही हैं और न ही पर्याप्त रखरखाव हो रहा है. भवन के संरक्षण, नियमित सफाई और परिसर के सौंदर्यीकरण की मांग बुद्धिजीवी वर्ग ने उठायी है. झारसुगुड़ा मुख्य डाकघर के प्रबंधक प्रताप भोई ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाये जायेंगे. अधिकारियों से चर्चा कर जल्द ही उचित व्यवस्था करने का प्रयास किया जायेगा.

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By Aditya Tiwari

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