Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार ने जलवायु-सहिष्णु विकास और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शनिवार को भुवनेश्वर में ‘स्केलिंग एग्रीपीवी इन ओडिशा फॉर क्लाइमेट-रेजिलिएंट ग्रोथ’ विषय पर एक उच्च स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया. कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, ऊर्जा विशेषज्ञों, डेवलपर्स तथा कृषि क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने किया. इस अवसर पर राज्य में अक्षय ऊर्जा और दीर्घकालिक ऊर्जा नियोजन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया गया.
ओडिशा स्टेट एनर्जी एक्शन प्लान वेब प्लेटफॉर्म लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान ग्रिडको लिमिटेड और वसुधा फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गयी रिपोर्ट ‘एम्पावरिंग फार्मर्स थ्रू एग्रीपीवी’ का विमोचन किया गया. साथ ही दीर्घकालिक ऊर्जा नियोजन के लिए ओडिशा स्टेट एनर्जी एक्शन प्लान वेब प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया. इसके अलावा, गंजाम जिले के सोनापुर और गोपालपुर में स्थापित दो 150 मीटर ऊंचे विंड रिसोर्स असेसमेंट मस्तों का उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम में छह विद्युत उपकेंद्रों में विकसित किये जाने वाले 125 मेगावाट/500 मेगावाट/घंटा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना के लिए खरीद समझौतों पर भी हस्ताक्षर किये गये.
किसानों की आय बढ़ाने में एग्रीपीवी निभा सकता है महत्वपूर्ण भमिका
उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने कहा कि एग्रीपीवी किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उन्होंने कहा कि यह पहल ‘विकसित ओडिशा’ के विजन के अनुरूप जलवायु-सहिष्णु और किसान-केंद्रित विकास मॉडल के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव ने कहा कि ओडिशा बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और डेटा-आधारित योजना को एकीकृत करते हुए ऊर्जा संक्रमण की दिशा में समग्र दृष्टिकोण अपना रहा है. ग्रिडको के प्रबंध निदेशक डॉ सत्यप्रिय रथ ने कहा कि एग्रीपीवी, ऊर्जा भंडारण और आधुनिक ऊर्जा नियोजन के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में सतत एवं समावेशी विकास को गति मिल सकती है. कार्यशाला का समापन एग्रीपीवी के विस्तार के लिए नीतिगत ढांचे, वित्तीय व्यवस्थाओं और प्रभावी कार्यान्वयन रणनीतियों पर विस्तृत तकनीकी चर्चाओं के साथ हुआ.
