Rourkela News: आमो बस स्टॉपेज पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले नहीं करता है काम, सीसीटीवी कैमरे भी खराब

Rourkela News: राउरकेला शहर में विभिन्न स्थानों पर बने आमो बस स्टॉपेज पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले काम नहीं करता है. इससे यात्रियों को समय जानने में परेशानी होती है.

Rourkela News: राउरकेला महानगर निगम अंतर्गत उदितनगर आंबेडकर चौक पर पुराना कोर्ट के पास, सरना चौक, आरएसपी के संस्कार गेट, आरएमसी चौक के पास रिंगरोड में आमो बस के लिए स्टॉपेज बनाया गया है. इस बस स्टॉप पर पहले इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले चलता था, जिसमें अलग-अलग रूट पर चलने वाली आमो बसों के समय की जानकारी मिलती थी. लेकिन करीब एक साल से यह डिस्प्ले बंद होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है.

यात्रियों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

बस स्टॉपेज का डिस्प्ले खराब होने से लोगों को बसों के आने-जाने के समय का पता नहीं चल पाता है. इससे यात्रियों को बसों की लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है. इससे उनके समय की बर्बादी होती है. इसके अलावा बस स्टॉप पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं, लेकिन वे भी खराब होने से यात्रियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगता जा रहा है. स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि बस स्टॉप पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले और सीसीटीवी कैमरों को जल्द से जल्द ठीक किया जाये. इससे यात्रियों को सुविधा होगी और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी. इसके अलावा, बस स्टॉप पर अन्य सुविधाओं जैसे कि बैठने की व्यवस्था, पेयजल की सुविधा आदि की भी मांग की गयी है. इसके प्रति राउरकेला महानगर निगम प्रबंधन का ध्यान आकर्षित कराया गया है.

नाइट कोच बसों में परिवहन नियमों का नहीं हो रहा पालन, दुर्घटना की आशंका

राउरकेला से राज्य के अन्य शहरों के लिए चलने वाली नाइट कोच बसों में परिवहन नियमों की अनदेखी हो रही है. 400 से 500 किमी की दूरी तय करने वाली इन बसों को एक चालक के भरोसे संचालित किया जा रहा है. अतीत में इस तरह की लापरवाही के कारण कई हादसे हो भी चुके हैं. चालक रात में जागकर अकेले बसों को राउरकेला से 400 से 600 किमी दूर लेकर जा रहे हैं. लंबी दूरी की बसों में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो चालक रखने का प्रावधान किया गया है, ताकि एक चालक पर ज्यादा दबाव न पड़े. लेकिन बस मालिक पैसों की लालच में यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखी कर रहे हैं. ऐसी स्थिति कुछ रात्रि कोच में देखने को मिल रही है, जो राउरकेला से प्रतिदिन कटक, भुवनेश्वर, बालेश्वर, बारीपदा, ब्रह्मपुर, कोरापुट, रायगड़ा, पारादीप, जगतसिंहपुर, जाजपुर, राजकनिका, भद्रक, चांदबाली, पुरी, काकटपुर, फुलबाणी आदि विभिन्न दूरदराज के शहरों के लिए यात्रा करती हैं. इनमें 2000 से अधिक लोग यात्रा करते हैं. कई बार यात्री इसको लेकर विरोध भी जता चुके हैं, लेकिन इनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता है. शहरवासियों ने एकल चालक के भरोसे लंबी दूरी तक चलायी जा रही बसों पर कार्रवाई की मांग की है.

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Published by: Bipin kumar yadav

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