Rourkela News: बंडामुंडा सी सेक्टर स्थित दैनिक सब्जी बाजार की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने आइओडब्ल्यू-1 इंचार्ज पंकज गुप्ता से मुलाकात की. इस दौरान नेताओं ने बाजार में सफाई व्यवस्था, शौचालय, शेड तथा कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं की ओर उनका ध्यान आकर्षित कराया.
नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी व दुर्गंध फैलने की आशंका
भाजपा नेताओं ने कहा कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है, ऐसे में बाजार की नियमित सफाई बेहद जरूरी है. यदि समय पर सफाई नहीं हुई, तो बाजार परिसर में गंदगी और दुर्गंध फैलने की आशंका बढ़ जायेगी, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. प्रतिनिधिमंडल ने बाजार में एक बड़ी डस्टबिन की व्यवस्था करने की भी मांग की. भाजपा नेताओं का कहना है कि डस्टबिन बनने से सब्जी विक्रेता और दुकानदार कचरे को एक ही स्थान पर डाल सकेंगे, जिससे बाजार परिसर में गंदगी नहीं फैलेगी. साथ ही सफाई कर्मियों को भी कचरा उठाने और उसके निस्तारण में सुविधा होगी. भाजपा नेताओं की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आइओडब्ल्यू-1 के इंचार्ज पंकज गुप्ता ने बाजार में डस्टबिन निर्माण कराने का आश्वासन दिया. मुलाकात के दौरान भाजपा नेता माणिक चौधरी, एल मुरली मोहन राव, मनमोहन मिश्रा, आइ राजा रमेश, दमंती सोना, भारती सिंह, लीना नायडू, जया सिंघा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.
बंडामुंडा : घर और सड़क के पास गोबर का अंबार, लोगों में नाराजगी
बंडामुंडा इ सेक्टर स्थित भूतबंगला गांधी नगर बस्ती में वर्षों से घरों और सड़क किनारे भारी मात्रा में गोबर फेंके जाने की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है. वर्षों से गोबर फेंके जाने के कारण वहां गोबर का विशाल ढेर जमा हो गया है, जो अब बाउंड्री जैसी आकृति का रूप ले चुका है. लोगों ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) के नाम लिखित शिकायत तैयार कर स्थानीय जनप्रतिनिधि को सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की है. स्थानीय महिलाओं ने बताया कि आवासीय क्षेत्र के समीप लंबे समय से गोबर डाला जा रहा है. मॉनसून के दौरान बारिश का पानी गोबर को बहाकर सड़क तक ले आता है, जिससे राहगीरों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. बस्तीवासियों के अनुसार, गोबर के ढेर से निकलने वाले कीड़े-मकोड़े कई बार घरों तक पहुंच जाते हैं. इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है. समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते हुए बस्तीवासियों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है.
