हीराकुद बांध के 20 गेट खुले, कई जिलों में बाढ़ का खतरा

-एसआरसी ने सात जिला के जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया

संबलपुर.

हीराकुद बांध के प्राधिकारियों ने रविवार को महानदी में इस मौसम में पहली बार बाढ़ का पानी छोड़ा. बांध के कुल 20 गेट से पानी छोड़ा जा रहा है. जिससे महानदी के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा जताया गया है. ओडिशा सरकार ने सात निचले जिलों के जिलाधिकारियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने और लोगों को नदी के किनारे नहीं जाने के लिए सतर्क करने का निर्देश दिया.

बांध प्राधिकारियों ने पारंपरिक पूजा के बाद द्वार संख्या सात को खोला और उसके बाद अन्य द्वार भी खोले गये. कुल 20 द्वार तीन चरणों में खोले गये, ताकि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के बीच अतिरिक्त पानी को बाहर निकाला जा सके. बांध के सात द्वार सुबह साढ़े नौ बजे, सात द्वार दोपहर 12.30 बजे और बाकी छह द्वार अपराह्न ढाई बजे खोले गये. सुबह छह बजे हीराकुद का जलस्तर 616.93 फुट था, जबकि जलाशय की क्षमता 630 फुट है. जलाशय में पानी का प्रवाह 3,16,000 क्यूसेक था, जबकि बाहर छोड़े जा रहे पानी का प्रवाह 40,126 क्यूसेक था.

राज्य सरकार ने एक बयान में कहा, संबलपुर, सोनपुर, नयागढ़, पुरी, कटक, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा के जिलाधिकारियों को निचले इलाकों के लोगों को महानदी के किनारे नहीं जाने के लिए सचेत करने को कहा गया है. जानवरों को भी नदी के करीब जाने की अनुमति नहीं होगी. जिलाधिकारियों से भी सतर्क रहने और स्थिति पर नजर रखने का अनुरोध किया गया है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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