Jharsuguda News: पुलिस ने झारसुगुड़ा शहर के बाहरी इलाके सीरिया बगीचा में लंबे समय से चल रही नकली डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (डीइएफ) फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. इस छापेमारी के दौरान 1000 लीटर फ्लूइड और 360 बोरी यूरिया उर्वरक जब्त किये गये हैं. नकली ईंधन का निर्माण यहीं से किया जा रहा था और इसे राज्य के बाहर निर्यात किया जा रहा था. माना जा रहा है कि इस गिरोह के तार छत्तीसगढ़ तक फैले हुए हैं. कई जाने-माने व्यापारी इस बड़े पैमाने के रैकेट में शामिल होने की आशंका जतायी जा रही है. जांच जारी होने के कारण पुलिस फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं कर रही.
डीजल से चलने वाले वाहनों में गति कम करने के लिए किया जाता है इस्तेमाल
डीइएफ एक गैर-विषाक्त तरल यूरिया घोल है. इसमें 32.5% यूरिया और 67.5% विआयनीकृत जल होता है. वाहनों से निकलने वाला नाइट्रोजन हानिकारक होता है. इसका उपयोग मुख्य रूप से डीजल से चलने वाले वाहनों में गति कम करने के लिए किया जाता है. यह हानिकारक नाइट्रोजन ऑक्साइड के 90% तक भाग को हानिरहित नाइट्रोजन और जल वाष्प में परिवर्तित करने में सहायक होता है.
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में नकली उत्पाद की हो रही थी आपूर्ति
सिरिया बगीचा में एक गिरोह फर्जी डीइएफ फैक्ट्री चला रहा था. वे यहां उत्पादित डीइएफ को ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बेचकर भारी मुनाफा कमा रहे थे. वे एक प्रतिष्ठित कंपनी के लोगो का इस्तेमाल भी कर रहे थे, ताकि किसी को भी इस लेन-देन की भनक न लगे. इस संबंध में सूचना मिलने पर, एसपी गुंडला राघवेंद्र रेड्डी के सीधे मार्गदर्शन में छापेमारी की गयी. छापेमारी में ब्रजराजनगर एसडीपीओ चिंतामणि प्रधान, झारसुगुड़ा टाउन और झारसुगुड़ा सदर पुलिस स्टेशनों के आइआइसी, कृषि अधिकारी और उर्वरक निरीक्षक भी शामिल थे. यह अंतरराज्यीय फर्जीवाड़ा का मामला है, क्योंकि छत्तीसगढ़ से यूरिया लाकर फर्जी डीइएफ तैयार किया जा रहा था. एसपी ने बताया कि जांच के बाद विस्तृत जानकारी दी जायेगी.
